बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के 105वें दीक्षांत समारोह के अवसर पर वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा, वाराणसी द्वारा डिग्री एवं पदक वितरण समारोह का भव्य आयोजन महामना सभागार, विज्ञान संस्थान, बीएचयू में संपन्न हुआ। समारोह में छात्राओं की शैक्षणिक उपलब्धियों को उत्सवपूर्ण वातावरण में सम्मानित किया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. पृथ्वीश नाग (सदस्य—बीएचयू अकादमिक परिषद, निदेशक—SHEPA एवं पूर्व कुलपति, एम.जी.के.वी.पी., वाराणसी) रहे। उन्होंने अपने आशीर्वचन में कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों को तभी साकार किया जा सकता है जब शिक्षा के क्षेत्र में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दिया जाए। उन्होंने वसंत कन्या महाविद्यालय के थियोसोफिकल सोसाइटी से ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह महाविद्यालय पं. मदन मोहन मालवीय एवं डॉ. एनी बेसेंट के आदर्शों को आगे बढ़ा रहा है।
विशिष्ट अतिथि के रूप में वाराणसी के पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल तथा बीएचयू के रेक्टर एवं विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. संजय कुमार उपस्थित रहे।सम्पूर्ण कार्यक्रम महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव एवं प्रबंधक उमा भट्टाचार्य के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। प्राचार्या ने अपने संबोधन में कहा कि यह समारोह एक उपलब्धि के साथ-साथ नई यात्रा की शुरुआत है। उन्होंने छात्राओं से ज्ञान, संस्कार और अनुशासन के साथ समाज के प्रति अपने दायित्व निभाने का आह्वान किया। साथ ही बताया कि इस वर्ष भी महाविद्यालय की छात्राओं ने पाँच स्वर्ण पदक प्राप्त कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।यूजी एवं पीजी (कला संकाय) की छात्राओं को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित सत्र में डिग्रियाँ एवं स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। कला विभाग में प्राची सिंह (एम.ए. हिंदी) को गुरु पथिक बाला बैरागी अद्वैत स्वर्ण पदक, श्रीमती कृष्णा रानी जोशी मेमोरियल स्वर्ण पदक एवं दुर्गा शंकर दीक्षित रजत पदक प्राप्त हुआ। कुमारी स्वाति पांडे (बी.ए. प्राचीन भारतीय संस्कृति एवं पुरातत्व) को श्रीमती सुधा नारायण मेडल तथा कुमारी रिया सिंह (बी.ए. गृह विज्ञान) को सर्वाधिक अंक प्राप्त करने पर स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।
दोपहर 1:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक सामाजिक विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों को डिग्रियाँ एवं पदक प्रदान किए गए, जिसमें कुमारी प्रतिभा कुमारी (एम.ए. इतिहास) एवं कुमारी राशि दुबे (बी.ए. समाजशास्त्र) को स्वर्ण पदक दिया गया। साथ ही हिंदी विभाग के दो एवं गृह विज्ञान विभाग के एक शोधार्थी को शोध उपाधि प्रदान की गई।कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों के परिश्रम एवं उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन को सम्मानित करना रहा। समारोह में महाविद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. नैरंजना श्रीवास्तव, प्रो. गरिमा उपाध्याय, डॉ. शुभ्रा सिन्हा एवं डॉ. सुप्रिया सिंह ने किया। आयोजन का शुभारंभ महाविद्यालय के कुलगीत से हुआ, जिसका निर्देशन प्रो. सीमा वर्मा ने किया तथा तबले पर संगत श्री सौम्यकांति मुखर्जी ने दी।

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