अम्बेडकरनगर जिले में 21 नवंबर से लापता युवक की तलाश में परिजन दर-दर भटक रहे हैं। परिवार का आरोप है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद पुलिस ने अब तक ना तो खोजबीन में गंभीरता दिखाई और ना ही मामले में कोई ठोस कदम उठाया।लापता युवक की मां आखिरकार थक-हारकर थाने के बाहर ही धरने पर बैठ गई, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया है।पुलिस की उदासीनता पर उठे सवालपरिजनों का कहना है कि उन्होंने कई बार शिकायत की, लेकिन उन्हें सिर्फ “जांच जारी है” का जवाब मिलता है। स्थानीय लोगों का भी आरोप है कि पुलिस शुरुआती 48 घंटे में सक्रिय होती तो शायद मामला अलग होता।अब जब मामला भीड़ में गूंजने लगा है, तभी पुलिस हरकत में आई दिखाई देती है, लेकिन परिवार इसे “बहुत देर, बहुत कम” बता रहा है।
धरने पर बैठी मां का कहना है कि 21 नवंबर से अब तक उसका बेटा कहाँ है, इसका कोई जवाब नहीं मिला।आंसुओं के साथ उसने कहा—मैं सिर्फ अपने बच्चे की सकुशल वापसी चाहती हूं। अगर पुलिस समय पर कदम उठाती, तो मैं आज सड़क पर नहीं बैठी होती।”घटना ने पूरे क्षेत्र में गुस्सा भड़का दिया है। लोगों का कहना है कि जिले में लगातार बढ़ते आपराधिक मामलों के बीच पुलिस की भूमिका सवालों के घेरे में है।कुछ सामाजिक संगठनों ने भी इस घटना को कानून-व्यवस्था की विफलता’ बताते हुए आंदोलन का संकेत दिया है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच टीम गठित कर दी गई है और तकनीकी सर्विलांस से लेकर संभावित स्थानों पर खोजबीन जारी है।लेकिन परिवार और स्थानीय लोगों का मानना है कि पुलिस का रवैया अभी भी सुस्त है।मामला गरमाने के बाद जिला प्रशासन ने भी रिपोर्ट तलब की है। अधिकारी दावा कर रहे हैं कि वे परिवार को न्याय दिलाने के लिए “हर संभव कदम” उठाएंगे।
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