मेरठ में एक रोडवेज बस में दिव्यांग युवती के साथ अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आया। ऑफिस जाने के लिए बस में चढ़ते ही दिव्यांग पास दिखाने पर कंडक्टर भड़क गया और युवती को मारपीट करते हुए चलती बस से नीचे फेंक दिया। घटना गाजियाबाद के मोहन नगर मोड़ के पास की बताई जा रही है।जानकारी के अनुसार, सिवालखास क्षेत्र की रहने वाली दिव्यांग युवती साहिबाबाद स्थित एक निजी कंपनी में नौकरी करती है। वह ऑफिस जाने के लिए घर से निकली और मोहन नगर मोड़ पर रोडवेज बस को रुकवाया। बस में चढ़ते ही उसने अपना दिव्यांग पास परिचालक को दिखाया, जिस पर परिचालक गुस्से में आ गया और ड्राइवर को बस रोकने के लिए कहा।
आरोप है कि युवती के दोबारा बस में चढ़ने का प्रयास करने पर कंडक्टर ने उसे धक्का दिया, थप्पड़ मारा और विरोध करने पर बाल पकड़कर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए बस से नीचे फेंक दिया। युवती सड़क पर गिर गई। जब उसने मोबाइल से वीडियो बनाने की कोशिश की तो कंडक्टर ने मोबाइल छीनकर जमीन पर पटक दिया और गाली-गलौज करते हुए बस लेकर फरार हो गया।घटना के समय बस में मौजूद यात्री और सड़क पर खड़े लोग तमाशबीन बने रहे, किसी ने विरोध नहीं किया। अपमानित और डरी हुई युवती किसी तरह ऑफिस पहुंची। शाम को घर लौटने पर उसने पूरी घटना अपने परिजनों को बताई।
सुबह युवती के परिजन उसे लेकर भैसाली रोडवेज डिपो पहुंचे और अधिकारियों से शिकायत की। काफी इंतजार के बाद फोन पर अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दी गई। युवती के परिवार की ओर से दी गई तहरीर में बस नंबर यूपी81बीटी7114 दर्ज था। जांच के बाद आरोपी परिचालक की पहचान अमित के रूप में हुई।रोडवेज प्रशासन ने आरोपी परिचालक को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर रूट से हटा दिया। रोडवेज के दिवस अधिकारी सुरेश चंद ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी यात्री, विशेषकर दिव्यांग व्यक्ति के साथ इस तरह का व्यवहार पूरी तरह गलत और अस्वीकार्य है।

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