दिसंबर में फूलों की बढ़ी मांग से वाराणसी के किसानों को रिकॉर्ड मुनाफे की उम्मीद

वाराणसी जिले के फूल किसानों के लिए दिसंबर का महीना आर्थिक खुशहाली लेकर आया है। शादी-विवाह, धार्मिक आयोजनों और नए साल के स्वागत कार्यक्रमों के चलते फूलों की मांग में 40 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे किसानों को इस वर्ष रिकॉर्ड मुनाफा होने की उम्मीद जताई जा रही है।राजातालाब, सेवापुरी, चिरईगांव और हरहुआ जैसे प्रमुख फूल उत्पादक इलाकों में गेंदा, गुलाब, रजनीगंधा और गैलार्डिया की फसलें इस समय पूरी तरह तैयार हैं। स्थानीय मंडियों में इन फूलों की थोक कीमतें पिछले साल की तुलना में करीब 25 प्रतिशत तक अधिक बनी हुई हैं।

काशी विद्यापीठ ब्लॉक के प्रगतिशील किसान रामजी पटेल ने बताया कि बीते महीनों में मौसम की मार झेलने के बाद अब बाजार की तेजी से किसानों में नई उम्मीद जगी है। उन्होंने बताया कि इस समय गेंदे के फूल की कीमत 60 से 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है, जबकि सामान्य दिनों में यही कीमत 30 से 40 रुपये रहती है। शादियों और समारोहों में मंडप व स्टेज की सजावट के लिए लाल और सफेद गुलाब की मांग भी काफी बढ़ गई है।फूलों की कीमतों में आई इस तेजी का एक बड़ा कारण वैज्ञानिक खेती को अपनाना भी माना जा रहा है। किसान कृषि विज्ञान केंद्रों के मार्गदर्शन में उन्नत किस्म के बीज, संतुलित खाद और कीट प्रबंधन तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं, जिससे फूलों की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार हुआ है। वहीं दिसंबर की हल्की ठंड फूलों को अधिक टिकाऊ और आकर्षक रंग देने में मददगार साबित हो रही है।

फूलों की यह बढ़ी हुई मांग ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रही है। सैकड़ों महिलाएं और मजदूर फूलों की तुड़ाई, छंटाई और माला बनाने जैसे कार्यों से जुड़कर रोजगार पा रहे हैं। कृषि विभाग भी कम लागत में अधिक उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए किसानों को लगातार प्रोत्साहित कर रहा है, ताकि वाराणसी और आसपास का क्षेत्र पूर्वांचल में फूल उत्पादन का प्रमुख केंद्र बन सके।



Ktv News Varanasi

Greeting from KTV Channel, Varanasi Leading News and Social content Provider

Post a Comment

Previous Post Next Post