केयर एण्ड कॅरियर स्कूल, मिसिर पोखरा एवं दशाश्वमेध शाखा का द्विदिवसीय वार्षिकोत्सव ‘फुलवारी’ का प्रथम दिवस नागरी नाटक मंडली प्रेक्षागृह में बहुआयामी सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. दया शंकर मिश्रा ‘दयालु’, आयुष, स्वास्थ्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), उत्तर प्रदेश सरकार तथा विशिष्ट अतिथि समाजसेवी एवं रोटरी क्लब के पूर्व गवर्नर हरि मोहन शाह द्वारा दीप प्रज्ज्वलन से हुआ।इसके पश्चात विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत वेलकम सॉन्ग से अतिथियों का स्वागत किया गया। विद्यालय की प्रधानाचार्या अरुन्धति मिश्र ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए कहा कि शिक्षा का मूल आधार नैतिकता है और सांस्कृतिक गतिविधियाँ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए संजीवनी का कार्य करती हैं।
इस अवसर पर कक्षा 1 से 12 तक मेरिट में स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को पं. राधे कृष्ण मिश्र स्मृति छात्रवृत्ति के अंतर्गत चेक प्रदान किए गए। साथ ही बेस्ट स्टूडेंट, बेस्ट टीचर, इमरजिंग टीचर, बेस्ट अटेंडेंस, स्कूल ब्लू एवं मोस्ट को-ऑपरेटिव गार्जियन अवार्ड से भी प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।मुख्य अतिथि डॉ. दया शंकर मिश्रा ‘दयालु’ ने बच्चों की ऊर्जा और रचनात्मकता की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना को आत्मसात करती है। वहीं विशिष्ट अतिथि हरि मोहन शाह ने कहा कि विद्यालय के छात्र शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं।विद्यालय समूह के चेयरमैन एवं विख्यात रंगकर्मी आनंद किशोर मिश्र ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के भीतर एक कलाकार होता है, जिसे मंच मिलने पर अभिव्यक्ति का अवसर मिलता है। वहीं डायरेक्टर केशकी मिश्र ने वार्षिकोत्सव को विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रतिभा को निखारने का सशक्त मंच बताया।प्रथम दिन “टाइमलाइन – इंडिया’ज़ जर्नी थ्रू टाइम” विषय पर आधारित लगभग 20 रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई। नन्हे बच्चों द्वारा जंगल सॉन्ग, हंटिंग सॉन्ग, गुरुकुल स्कीट, नालंदा एक्ट, विमेन इम्पावरमेंट, राजपूत एवं मराठा शौर्य गाथा, आर्मी, मॉडर्न इंडिया और एआई थीम डांस जैसी प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।कार्यक्रम का संचालन अध्यापिकाएं यशिका केशरी एवं कीर्ति वर्मा के साथ छात्र-छात्राओं शिवांश त्रिपाठी, हनी केशरवानी, जान्हवी केशरी एवं मनन पोद्दार ने किया।


