यूक्रेन-रूस युद्ध में तनाव और अधिक बढ़ गया है। यूक्रेन ने रूस के भीतर कई अहम सैन्य और ऊर्जा ठिकानों पर बड़े हमले किए हैं। इन हमलों में तेल टर्मिनल, पाइपलाइन, लड़ाकू विमान, जहाजों के साथ-साथ गोला-बारूद डिपो और ड्रोन लॉन्च साइट को निशाना बनाया गया है। यूक्रेनी सेना के जनरल स्टाफ के अनुसार, ये हमले रूस की युद्ध क्षमता को कमजोर करने और उसकी सैन्य सप्लाई लाइन को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से किए गए हैं।
यूक्रेन का कहना है कि इस कार्रवाई का मकसद मोर्चे के पीछे रूस की सैन्य गतिविधियों में बाधा डालना और दबाव बनाना है।रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन ने रूस के दक्षिणी क्रास्नोदार क्षेत्र में स्थित तामाननेफ्तेगाज़ तेल टर्मिनल पर भी हमला किया है।इसके अलावा पाइपलाइन, जहाजों और लड़ाकू विमानों को भी निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई है।
यूक्रेन का दावा है कि इन हमलों से रूस की ऊर्जा आपूर्ति और सैन्य लॉजिस्टिक्स पर असर पड़ा है।वहीं रूस ने भी जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। रूसी सेना यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे पर लगातार हमले कर रही है, जिससे बिजली आपूर्ति और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।लगभग चार साल से जारी इस युद्ध में यूक्रेनी सेना संख्या और संसाधनों में बड़ी रूसी सेना के दबाव का सामना कर रही है। इसके बावजूद यूक्रेन रूस के भीतर हमले कर रणनीतिक बढ़त हासिल करने की कोशिश कर रहा है।

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