अमेरिका की स्टैनफर्ड यूनिवर्सिटी समेत कई प्रतिष्ठित संस्थानों के वैज्ञानिकों ने मिलकर ‘स्लीप एफएम’ नाम का एक अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल विकसित किया है। यह मॉडल इंसान की सिर्फ एक रात की नींद के आधार पर 130 गंभीर बीमारियों के जोखिम की भविष्यवाणी कर सकता है।वैज्ञानिकों की यह रिसर्च प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल नेचर मेडिसिन में प्रकाशित हुई है। रिसर्च के मुताबिक स्लीप एफएम मॉडल की भविष्यवाणी क्षमता काफी उच्च स्तर की पाई गई है। सी-इंडेक्स के आधार पर इसकी सटीकता 0.75 से अधिक रही, यानी यह मॉडल 75 प्रतिशत से ज्यादा मामलों में सही अनुमान लगाने में सक्षम है। इसमें किसी भी कारण से मृत्यु के जोखिम का पूर्वानुमान भी शामिल है।
स्लीप एफएम मॉडल पॉलीसोम्नोग्राफी (PSG) डेटा पर आधारित है। पीएसजी एक वैज्ञानिक जांच पद्धति है, जिसमें नींद के दौरान दिमाग की गतिविधि, सांस, हृदय गति और शरीर की अन्य प्रक्रियाओं को रिकॉर्ड किया जाता है। इस AI मॉडल को 65 हजार से अधिक लोगों के करीब 5.85 लाख घंटे के नींद संबंधी पीएसजी रिकॉर्ड के जरिए प्रशिक्षित किया गया है।रिसर्च में इस्तेमाल किए गए स्वास्थ्य रिकॉर्ड स्टैनफर्ड यूनिवर्सिटी के स्लीप क्लीनिक से लिए गए थे।
वैज्ञानिकों के अनुसार इन रिकॉर्ड्स में एक हजार से ज्यादा बीमारियों की श्रेणियां मौजूद थीं। इनमें से 130 बीमारियों के जोखिम की भविष्यवाणी स्लीप एफएम मॉडल ने केवल नींद के डेटा के आधार पर सटीकता के साथ की।विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक भविष्य में बीमारियों की समय से पहले पहचान और रोकथाम में अहम भूमिका निभा सकती है। नींद को लंबे समय से सेहत का आईना माना जाता रहा है, और अब AI के जरिए इसे बीमारी की भविष्यवाणी का एक मजबूत माध्यम बनाया जा रहा है।

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