“रोजगार दो, सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा के चौथे दिन आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह वाराणसी के जखिनी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार पर तीखा जुबानी हमला बोला। संजय सिंह ने कहा कि देश में 45 करोड़ बेरोजगारों की फौज खड़ी कर दी गई है, जिसमें उत्तर प्रदेश सबसे बड़ा गढ़ बन चुका है।उन्होंने कहा कि अगर सरकार रोजगार देने में असमर्थ है तो हर बेरोजगार को 10 हजार रुपये बेरोजगारी भत्ता दिया जाना चाहिए। सामाजिक न्याय के मुद्दे पर उन्होंने आरोप लगाया कि कहीं पिछड़े वर्ग का आरक्षण छीना जा रहा है तो कहीं कथावाचकों के साथ अन्याय हो रहा है, जो पूरी तरह बंद होना चाहिए।
संजय सिंह ने मांग की कि संविधान की शिक्षा सभी विद्यालयों में अनिवार्य रूप से लागू की जाए, चाहे वह सरकारी हो या निजी। मणिकार्निका घाट को लेकर दर्ज मुकदमे पर उन्होंने कहा कि इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन हिंदुओं की आस्था के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।AI जनरेटेड वीडियो को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि वह वीडियो आम आदमी पार्टी ने नहीं बनाया, बल्कि स्थानीय साधुओं और वहां रहने वाले लोगों द्वारा बनाया गया है। उन्होंने कहा कि मंदिर तोड़ने के दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
संजय सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में जनता मालिक होती है और काशी की जनता ही तय करेगी कि दोषियों को क्या सजा दी जानी चाहिए। प्रयागराज में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर हमले के आरोप को लेकर उन्होंने सरकार पर शर्मनाक रवैया अपनाने का आरोप लगाया।पश्चिम बंगाल में IPAC कार्यालय पर ईडी अधिकारियों के साथ हुई बदसलूकी पर उन्होंने कहा कि ईडी और सीबीआई किसी राज्य में गुंडों की तरह प्रवेश नहीं कर सकतीं। कार्रवाई से पहले संबंधित राज्य की एजेंसियों को सूचना देना जरूरी है, जो नहीं किया गया।

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