ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान कथित रूप से भारी हिंसा के आरोप सामने आए हैं। सोशल मीडिया और कुछ अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों की रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि सुरक्षा बलों ने कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग किया। कुछ वायरल तस्वीरों और वीडियो में बीच चौराहों पर लोगों को जिंदा जलाए जाने जैसे भयावह दृश्य दिखाई देने का दावा किया जा रहा है।
मानवाधिकार समूहों के अनुसार, हालिया अशांति में अब तक लगभग 5000 लोगों की मौत होने का अनुमान लगाया जा रहा है, हालांकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। ईरानी सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि देश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की गई और सोशल मीडिया पर प्रसारित कई तस्वीरें व वीडियो भ्रामक हैं।
संयुक्त राष्ट्र और कई पश्चिमी देशों ने ईरान की स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है और निष्पक्ष अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की है। वहीं, ईरान का कहना है कि यह उसके आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप है।विशेषज्ञों का मानना है कि इंटरनेट प्रतिबंधों और मीडिया नियंत्रण के कारण जमीनी हालात की सटीक जानकारी सामने आना मुश्किल हो रहा है। फिलहाल, ईरान में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें वहां की स्थिति पर टिकी हैं।

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