भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा वृंदावन स्थित केली कुंज आश्रम पहुंचीं। यहां उन्होंने संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। आश्रम पहुंचने पर संत प्रेमानंद महाराज ने दीप्ति शर्मा से आत्मीय बातचीत की और उनके खेल व उपलब्धियों की सराहना की।दीप्ति शर्मा का परिचय संत प्रेमानंद महाराज से उनके शिष्य नवल नागरी ने कराया। उन्होंने बताया कि दीप्ति शर्मा भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्य हैं और हाल ही में वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रही हैं। यह सुनकर संत प्रेमानंद महाराज ने प्रसन्नता व्यक्त की।
दर्शन के दौरान दीप्ति शर्मा पूरे समय मुस्कुराती रहीं और हाथ जोड़कर श्रद्धापूर्वक संत प्रेमानंद महाराज के सामने खड़ी रहीं। केली कुंज आश्रम पहुंचने पर आश्रम के सेवादारों ने उन्हें राधा रानी की प्रसादी चुनरी ओढ़ाकर सम्मानित किया।संत प्रेमानंद महाराज ने इस अवसर पर कहा कि क्रिकेट भले ही कहने को एक खेल है, लेकिन इससे पूरे देश को खुशी मिलती है। जब कोई खिलाड़ी मैच जीतता है तो सुख केवल खिलाड़ी को ही नहीं, बल्कि हर भारतवासी को होता है। लोग यह महसूस करते हैं कि हम जीते, भारत जीता। पूरा नगर और पूरा देश प्रसन्न हो जाता है, और यह अपने आप में एक बड़ा परोपकार है।
उन्होंने आगे कहा कि प्रसन्नता देना सबसे बड़ी साधना है। इसके लिए निरंतर प्रयास और अभ्यास आवश्यक है। अच्छा अभ्यास, भगवान का चिंतन और निरंतर मेहनत से ही सफलता मिलती है। अभ्यास से ही व्यक्ति प्रवीण बनता है और आगे बढ़ता है।संत प्रेमानंद महाराज ने खिलाड़ियों को सावधान करते हुए कहा कि अक्सर जीत के बाद अभ्यास में ढील आ जाती है और लोग मनोरंजन में उलझ जाते हैं, जिससे आगे की उन्नति रुक जाती है। जीत मिलने पर और अधिक सावधान रहना चाहिए और नित्य अभ्यास करते रहना चाहिए। निरंतर अभ्यास से प्रवीणता बढ़ती है और प्रगति का मार्ग खुलता है।इस दौरान शिष्य नवल नागरी महाराज ने भी कहा कि संत प्रेमानंद महाराज पहले भी यही संदेश देते रहे हैं कि अभ्यास ही सफलता का मूल कारण है और उसी के अनुरूप परिणाम प्राप्त होते हैं।

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