नाटी इमली क्षेत्र में इन दिनों अतिक्रमण और अव्यवस्था ने स्थानीय लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। सुबह से लेकर देर रात तक नाटी इमली चौराहे से लेकर आसपास के घरों के दरवाजों तक ठेला-खोमचा और अस्थायी दुकानों की भरमार लगी रहती है। विशेष रूप से ठेलों पर देर रात तक भारी भीड़ जुटी रहती है, जिससे आए दिन जाम और अव्यवस्था की स्थिति बनी रहती है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि कोई दुकानदारों को हटने या व्यवस्था बनाने के लिए बोलता है, तो दबंग किस्म के लोग मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। हैरानी की बात यह है कि चौराहे से महज 10 कदम की दूरी पर पुलिस चौकी मौजूद है, इसके बावजूद स्थिति पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। लोगों का कहना है कि पुलिस आंखें मूंदे बैठी है और कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जा रही है।
स्थानीय नागरिकों ने यह भी बताया कि पुलिस चौकी से सटे पार्क, जहां राम-लक्ष्मण मिलन स्थल स्थित है, उसकी दीवार के सहारे पूरा सड़क क्षेत्र अतिक्रमणकारियों से पटा हुआ है। चौराहे के पास कई चारपहिया वाहन महीनों से खड़े हैं, जिनके मालिकों का कोई पता नहीं है। फिलहाल भी दो कारें ऐसी हैं, जो लंबे समय से वहीं खड़ी हैं, लेकिन पुलिस द्वारा उन्हें हटाने की कोई पहल नहीं की जा रही है।लोगों का कहना है कि पुलिस चौराहों पर चालान तो काटती है, लेकिन नाटी इमली चौराहे की वास्तविक समस्याओं की अनदेखी की जा रही है।
अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और दबंगों के कारण पूरे इलाके में भय का माहौल बना हुआ है। नए साल के मौके पर यहां असामाजिक तत्वों द्वारा और अधिक हंगामा व आतंक मचाए जाने की आशंका जताई जा रही है।मामले की जानकारी मिलने पर नाटी इमली चौकी इंचार्ज मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि नाटी इमली क्षेत्र में जहां जाम और वाहनों की समस्या बताई जा रही है, वह इलाका जैतपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है।स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि नाटी इमली चौराहे पर तत्काल सघन चेकिंग अभियान चलाया जाए, अतिक्रमण हटाया जाए और अवैध रूप से खड़े वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।

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