वाराणसी में प्रधानमंत्री के विजन के तहत दालमंडी गली के चौड़ीकरण की कवायद तेज कर दी गई है। करीब डेढ़ महीने से रुकी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई फिर शुरू कर दी गई। गुरुवार, 8 जनवरी को एक बार फिर बुलडोजर चला और पुराने निर्माण को गिराने का काम जारी रहा।ध्वस्तीकरण स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अनजान त्रिपाठी मौके पर मौजूद रहकर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। जिस मार्ग पर कार्रवाई हो रही है, वहां पूरी तरह बैरिकेडिंग कर दी गई है। आम लोगों की आवाजाही रोक दी गई है और लगातार लाउड हेलर के जरिए लोगों से उस इलाके में न आने की अपील की जा रही है।
प्रशासन के मुताबिक, अब तक दालमंडी क्षेत्र में 20 मकानों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है। इन मकानों से जुड़े 40 हिस्सेदारों को मुआवजे की राशि भी दी जा चुकी है। पीडब्ल्यूडी के अभियंता केके सिंह ने बताया कि जिन मकान मालिकों को मुआवजा दिया जा चुका है, उन्हें मकान खाली करने के लिए पिछले 15 दिनों से रोजाना मुनादी के जरिए सूचना दी जा रही थी। उसी क्रम में अब ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।जिस मकान संख्या सीके 43/113 को तोड़ने की कार्रवाई शुरू हुई थी, वह गुरुवार को भी जारी रही। इस भवन में ‘बनारस प्लास्टिक स्टोर’ के नाम से दुकान संचालित थी, जिसे पहले ही खाली करा लिया गया है।
इसके अलावा एक अन्य दुकान, जहां गैस चूल्हा और घरेलू सामान बेचा जाता था, उसके मालिक फैज अहमद को भी सूचना दी गई थी। हालांकि बताया जा रहा है कि दुकान के मालिक और उसका नौकर फिलहाल लापता हैं। इसके बावजूद पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी है, जो शाम करीब 5 बजे तक चलने की संभावना है।प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई कानून और सुरक्षा मानकों के तहत की जा रही है, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था या हादसा न हो।

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