सीर गोवर्धनपुर वार्ड संख्या 23 में बीते दो वर्षों से कई स्थानों पर बिजली के जर्जर खंभे लोगों की छतों पर लटके हुए हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि करीब तीन से चार खंभों की स्थिति अत्यंत भयावह हो चुकी है, लेकिन बिजली विभाग द्वारा अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया।स्थानीय लोगों के अनुसार, इस समस्या को लेकर बार-बार बिजली विभाग में शिकायत की गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही दिया गया। पिछले एक महीने से लगातार विभाग को अवगत कराने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।स्थानीय नागरिकों ने बताया कि पूर्व में मजबूर होकर उन्हें धरना देना पड़ा था, जिसके बाद विद्युत विभाग के एसडीओ कृष्ण कुमार गुप्ता ने 10 दिनों के भीतर सभी जर्जर खंभों को बदलने का आश्वासन दिया था।
हालांकि तय समय सीमा बीत जाने के बावजूद खंभों को नहीं बदला गया।आरोप है कि विभाग द्वारा खंभा बदलने के बजाय केवल वेल्डिंग कराना और बालू डालकर खंभे को ढकने जैसा अस्थायी कार्य कराया गया, जबकि खंभे आज भी लोगों की छतों पर लटके हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कार्य तकनीकी रूप से गलत है और इससे ठेकेदार व अधिकारियों की मिलीभगत से भ्रष्टाचार की आशंका भी सामने आती है।स्थानीय नागरिकों के अनुसार, जब दोबारा नए खंभे लगाने की मांग की गई तो एसडीओ द्वारा यह कहकर असमर्थता जताई गई कि विभाग के पास न तो बजट है और न ही नया खंभा उपलब्ध है।आरोप है कि प्रशासनिक असंवेदनशीलता से आहत होकर वार्ड 23 के दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने आपस में चंदा इकट्ठा कर ₹2000 की राशि एसडीओ कार्यालय में जमा करने का प्रयास किया, ताकि मानव जीवन की रक्षा के लिए खंभा बदला जा सके।
स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि शेष राशि आवश्यकता पड़ने पर जनता स्वयं एकत्र कर देगी।हालांकि, स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि एसडीओ द्वारा इस मानवीय पहल को अस्वीकार करते हुए धमकी भरे लहजे में खंभा न बदलने की बात कही गई।इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। नागरिकों का कहना है कि जिस विभाग की जिम्मेदारी जनता की सुरक्षा है, वही विभाग उनकी जान को जोखिम में डाल रहा है।स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और शासन से मांग की है कि:सीर गोवर्धनपुर वार्ड 23 के सभी जर्जर बिजली खंभों को तत्काल बदला जाए,अस्थायी कार्यों और संभावित अनियमितताओं की जांच कराई जाए,जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई और कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी पूर्ण जिम्मेदारी बिजली विभाग और प्रशासन की होगी।

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