प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने निवेशकों से अरबों रुपये की ठगी के आरोप में रोहतास ग्रुप के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लगभग 350 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की 77 अचल संपत्तियों को जब्त किया है। इन संपत्तियों की खरीद कीमत करीब 158.85 करोड़ रुपये बताई जा रही है, जबकि मौजूदा बाजार मूल्य इससे कहीं अधिक आंका गया है।
ईडी की जांच में सामने आया है कि जब्त की गई अधिकांश संपत्तियां रोहतास ग्रुप के संचालक दीपक रस्तोगी के नाम पर दर्ज हैं। इसके अलावा कई संपत्तियां ग्रुप की सहयोगी कंपनियों और बेनामी व्यक्तियों के नाम पर भी रजिस्टर कराई गई थीं। जांच एजेंसी के अनुसार, वर्धन टाउनशिप और अध्याय रियल्टी के नाम पर भी बड़ी संख्या में अचल संपत्तियां दर्ज पाई गई हैं।ईडी ने इसके साथ ही हाईनेस इंफ्रा डेवलपर्स की करीब 17.64 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां भी जब्त की हैं। सभी जब्त की गई अचल संपत्तियां लखनऊ में स्थित बताई जा रही हैं।
प्रवर्तन निदेशालय के मुताबिक इससे पहले भी इसी मामले में ईडी द्वारा 110 करोड़ रुपये मूल्य की 68 संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं। रोहतास ग्रुप के खिलाफ यह कार्रवाई 83 एफआईआर के आधार पर दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग केस के तहत की गई है। आरोप है कि ग्रुप ने निवेशकों को ऊंचा रिटर्न देने का झांसा देकर भारी धनराशि एकत्र की और बाद में उस राशि को रियल एस्टेट व अन्य माध्यमों से निवेश कर मनी लॉन्ड्रिंग की।ईडी की कार्रवाई के बाद रियल एस्टेट सेक्टर और निवेशकों के बीच हलचल मची हुई है। जांच एजेंसी ने संकेत दिए हैं कि मामले में आगे भी पूछताछ और कुर्की की कार्रवाई जारी रह सकती है।

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