वाराणसी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में नागरिक सुरक्षा संगठन और जिला नागरिक सुरक्षा के संयुक्त तत्वावधान में आपातकालीन ब्लैकआउट एवं मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रदेश भर में आपातकालीन तैयारियों को परखने के उद्देश्य से ब्लैकआउट और मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।बरेका में सायं 6 बजे ब्लैकआउट शुरू हुआ, जो 10 मिनट तक चला। ब्लैकआउट के पश्चात हवाई हमले एवं आपातकाल की स्थिति में भवनों में फंसे घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने, प्राथमिक उपचार देने तथा उन्हें चिकित्सालय अथवा सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने का अभ्यास किया गया। साथ ही बमबारी के कारण लगी विभिन्न प्रकार की आग को बुझाने का भी प्रदर्शन किया गया।
मॉक ड्रिल के अंतर्गत LPG, तेल और लकड़ी की आग पर काबू पाने के साथ-साथ बहुमंजिला इमारतों में लगी आग बुझाने का अभ्यास किया गया। इसके अलावा ऊपरी मंजिल से घायलों को टू पैरलर रोप के माध्यम से बाहर निकालना, टू हैंड सीट, थ्री हैंड सीट, फोर हैंड सीट, पीक ए बैक तकनीक से एम्बुलेंस तक पहुंचाना, टनल में फंसे व्यक्ति को बाहर निकालना तथा धुएं से भरे कमरे में फंसे व्यक्ति को “टो ड्रैग” तकनीक से सुरक्षित बाहर निकालने का प्रदर्शन किया गया।इस अभ्यास में बरेका नागरिक सुरक्षा संगठन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, उत्तर प्रदेश अग्निशमन विभाग, उत्तर प्रदेश पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल, जिला नागरिक सुरक्षा संगठन और जिला स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी वाराणसी सत्येंद्र कुमार, कमिश्नर ऑफ पुलिस मोहित अग्रवाल, नियंत्रक बरेका नागरिक सुरक्षा संगठन सागर, नागरिक सुरक्षा अधिकारी शिवम वर्मा, एडीएम सिटी आलोक कुमार, डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।इस आपातकालीन ब्लैकआउट और मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिगत आपात स्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया की तैयारियों को परखना रहा। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ निरीक्षक नागरिक सुरक्षा संगठन बरेका संपूर्णानंद मिश्रा एवं डिप्टी कंट्रोलर सिविल डिफेंस वाराणसी जितेंद्र देव सिंह ने संयुक्त रूप से किया।

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