संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के प्राकट्योत्सव को लेकर काशी के सीर गोवर्धनपुर क्षेत्र में भक्ति और उल्लास का माहौल बनने लगा है। देश-विदेश से श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला तेज हो गया है, जिससे पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर नजर आ रहा है।रैदासिया समुदाय के धर्मगुरु और डेरा सचखंड बल्लां के गद्दीनशीन संत निरंजन दास महाराज शुक्रवार को लगभग दो हजार अनुयायियों की संगत के साथ काशी पहुंचेंगे। वे पंजाब से विशेष बेगमपुरा एक्सप्रेस ट्रेन द्वारा वाराणसी के लिए रवाना हो चुके हैं। यह ट्रेन वर्षों से गुरु रविदास के प्राकट्योत्सव के अवसर पर श्रद्धालुओं को लेकर काशी आती रही है।
संत रविदास जयंती से करीब एक सप्ताह पहले ही श्रद्धालुओं और सेवादारों का आगमन शुरू हो चुका है। लगभग दो किलोमीटर में फैले मेला क्षेत्र में खानपान, घरेलू उपयोग और श्रृंगार सामग्री की सैकड़ों दुकानें सज गई हैं। जगह-जगह संगत गुरुवाणी, भजन-कीर्तन और सत्संग में लीन नजर आ रही है। रविदास मंदिर को आकर्षक झालरों और रोशनी से भव्य रूप में सजाया गया है।श्री रविदास जन्मस्थान चैरिटेबल ट्रस्ट, सीर गोवर्धनपुर के ट्रस्टी निरंजन चिमा ने बताया कि संत निरंजन दास महाराज शुक्रवार को मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे। 31 जनवरी को वे मेला क्षेत्र की व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे, लगाए गए टेंटों का निरीक्षण करेंगे और श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे। इसी दिन 30 वातानुकूलित कमरों का लोकार्पण भी किया जाएगा।
एक फरवरी को गुरु रविदास के प्राकट्योत्सव के अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना होगी तथा संत निरंजन दास महाराज सत्संग के दौरान अपने आध्यात्मिक विचार साझा करेंगे। दो फरवरी को वे संगत के साथ काशी से प्रस्थान करेंगे।श्री रविदास जन्मस्थान चैरिटेबल ट्रस्ट के मैनेजर रणवीर सिंह ने बताया कि संत निरंजन दास महाराज पिछले 25 वर्षों से बेगमपुरा स्पेशल ट्रेन से काशी आते रहे हैं। वर्ष 2002 से रेल मंत्रालय से पांच दिनों के लिए ट्रेन की बुकिंग कराई जाती है, जिस पर करीब 50 से 60 लाख रुपये का खर्च आता है। यह ट्रेन जालंधर से वाराणसी आती है और प्राकट्योत्सव तक यहीं खड़ी रहती है।गुरु रविदास प्राकट्योत्सव में शामिल होने के लिए देश के शीर्ष राजनेताओं को भी आमंत्रण भेजा गया है। ट्रस्ट की ओर से प्रधानमंत्री, उत्तर प्रदेश और पंजाब के मुख्यमंत्री, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी, मायावती सहित कई प्रमुख नेताओं, जनप्रतिनिधियों और विदेशों में रह रहे रैदासी प्रवासी भारतीयों को निमंत्रण दिया गया है। कुछ गणमान्य लोगों की सहमति भी प्राप्त हो चुकी है।

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