ग्रीनलैंड को लेकर डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद यह चर्चा तेज हो गई कि क्या अमेरिका इसे खरीद सकता है। लेकिन यह बात कम लोग जानते हैं कि ट्रंप से पहले भी अमेरिका कई बार ग्रीनलैंड खरीदने की कोशिश कर चुका है।
पहली बार 19वीं सदी में अमेरिका ने ग्रीनलैंड को रणनीतिक रूप से अहम मानते हुए इसमें दिलचस्पी दिखाई थी। इसके बाद 1946 में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अमेरिका ने डेनमार्क को ग्रीनलैंड खरीदने के लिए करीब 100 मिलियन डॉलर की पेशकश की थी। हालांकि डेनमार्क ने इसे साफ तौर पर ठुकरा दिया।
डेनमार्क का कहना रहा है कि ग्रीनलैंड उसका अभिन्न हिस्सा है और इसे बेचा नहीं जा सकता। बाद के वर्षों में अमेरिका को वहां सैन्य ठिकाने बनाने की अनुमति तो मिली, लेकिन ग्रीनलैंड पर उसका मालिकाना हक कभी नहीं हुआ।आज भी ग्रीनलैंड डेनमार्क के अधीन एक स्वशासित क्षेत्र है और अमेरिका की खरीद की कोशिशें इतिहास तक ही सीमित रही हैं।

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