मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र में बंधक बनाकर कथित गैंगरेप की शिकार हुई 14 वर्षीय किशोरी की इलाज के दौरान मौत हो गई। किशोरी ने घटना के बाद जहर खा लिया था और वह बीते 5 दिनों से अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही थी। रात इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।पीड़िता की मौत की खबर मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। परिवार ने पुलिस पर लापरवाही और समय पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया, जिसके बाद गांव में तनाव की स्थिति बन गई। हालात को देखते हुए बहसूमा गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है और गांव में आने-जाने वाले रास्तों को सील कर दिया गया है।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने देर रात आनन-फानन में पोस्टमार्टम कराकर शव गांव भेज दिया और रात में ही अंतिम संस्कार कराने का दबाव बनाया। पीड़िता के भाई ने कहा कि जब तक मंत्री नरेंद्र कश्यप पीड़ित परिवार से मिलने नहीं आते, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।पुलिस के अनुसार, 25 जनवरी की रात पीड़िता को उसके कथित बॉयफ्रेंड ने बहाने से घर बुलाया था, जहां उसे बंधक बनाकर दोस्तों के साथ मिलकर दुष्कर्म किया गया। आरोप है कि घटना के बाद आरोपी फरार हो गए। अगले दिन 26 जनवरी की सुबह आरोपी की मां ने लड़की को खून से लथपथ और बेहोशी की हालत में पाया, जिसके बाद उसे परिजनों की मदद से घर पहुंचाया गया।
होश में आने के बाद पीड़िता ने परिजनों को पूरी आपबीती बताई और बाद में आत्महत्या का प्रयास किया। परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से मामले की सूचना पुलिस को दी गई। बहसूमा थाने में मुख्य आरोपी, उसके भाई और मां समेत कुल चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।30 जनवरी को इलाज के दौरान पीड़िता की मौत हो गई। पीड़िता के भाई ने एसएसपी को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी शिकायत के बजाय अपने अनुसार एफआईआर दर्ज की और परिवार को डराया-धमकायापुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।गांव में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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