नई दिल्ली भारत और रूस की सैन्य साझेदारी एक बार फिर वैश्विक मंच पर अपनी मजबूती दिखाने जा रही है। दोनों देशों की नौसेनाएं बंगाल की खाड़ी में संयुक्त सैन्य अभ्यास में हिस्सा लेंगी। इस अभ्यास का उद्देश्य समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना, आपसी तालमेल बढ़ाना और रणनीतिक सहयोग को और गहराई देना है।
रक्षा सूत्रों के अनुसार, इस संयुक्त युद्धाभ्यास में उन्नत युद्धपोत, पनडुब्बी रोधी अभ्यास, हवाई निगरानी और समुद्री युद्ध कौशल से जुड़े कई अहम ड्रिल शामिल होंगे। भारतीय नौसेना और रूसी नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी इस दौरान संयुक्त संचालन क्षमताओं का परीक्षण करेंगे।विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में यह अभ्यास बेहद अहम है। इससे न सिर्फ हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता का संदेश जाएगा, बल्कि यह भी स्पष्ट होगा कि भारत और रूस की रणनीतिक दोस्ती समय के साथ और मजबूत हो रही है।
सरकारी बयान में कहा गया है कि यह युद्धाभ्यास दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे रक्षा सहयोग का हिस्सा है और भविष्य में भी ऐसे अभ्यास जारी रहेंगे। बंगाल की खाड़ी में होने वाला यह सैन्य अभ्यास दुनिया को भारत–रूस की मजबूत जोड़ी की ताकत का एहसास कराएगा।

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