संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 649वीं जयंती के अवसर पर काशी पूरी तरह भक्ति और समरसता के रंग में रंगी नजर आ रही है। 1 फरवरी को माघ पूर्णिमा पर होने वाले मुख्य आयोजन से पहले ही देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं का वाराणसी आगमन हो चुका है। आयोजन की विशालता और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए शनिवार को जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने लिया सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा
अनुमानित 20 लाख श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और डीआईजी ने संयुक्त रूप से सीर गोवर्धनपुर स्थित जन्मस्थली और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने जर्मन हैंगर पंडाल और मंदिर परिसर में बैरिकेडिंग, रूट डायवर्जन और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था की समीक्षा की। डीआईजी ने सुरक्षा बलों को सतर्क रहने और सीसीटीवी के जरिए निगरानी रखने के निर्देश दिए। वहीं जिलाधिकारी ने टेंट सिटी और लंगर स्थलों पर स्वच्छता, पेयजल और बिजली की निर्बाध व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
संत निरंजन दास महाराज का हुआ भव्य स्वागत
जालंधर से ‘बेगमपुरा स्पेशल ट्रेन’ के माध्यम से संत निरंजन दास महाराज लगभग 1600 श्रद्धालुओं के साथ वाराणसी कैंट स्टेशन पहुंचे। वहां अनुयायियों ने उनका जोरदार स्वागत किया। इसके बाद वे सीर गोवर्धनपुर पहुंचे और संत रविदास जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर आशीर्वाद लिया। उनके आगमन से भक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम
नगवां स्थित संत रविदास पार्क में 30 और 31 जनवरी से 26 घंटे का अखंड सांस्कृतिक कार्यक्रम जारी है, जिसमें 50 से अधिक कलाकार भजन और शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति दे रहे हैं।
1 फरवरी के मुख्य कार्यक्रम
मुख्य आयोजन के तहत सुबह 05:52 बजे अमृतवाणी पाठ और धार्मिक अनुष्ठान होंगे। इसके बाद निशान साहब की रस्म, विशेष आरती, विशाल सत्संग और अटूट लंगर का आयोजन किया जाएगा। शाम को भव्य झांकियों का स्वागत किया जाएगा।प्रशासन के अनुसार एनआरआई श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है और 150 से अधिक टेंट सिटी में ठहरने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। अधिकारियों ने विश्वास दिलाया है कि यह ऐतिहासिक आयोजन शांतिपूर्ण और भव्य तरीके से सम्पन्न कराया जाएगा।

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