मैथिल समाज उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित मिथिला कैलेंडर लोकार्पण समारोह डॉ. अत्रि भारद्वाज की अध्यक्षता में भारतेंदु भवन, चौखंबा में भव्य रूप से संपन्न हुआ।समारोह का शुभारंभ कवि कोकिल विद्यापति द्वारा रचित “जय जय भैरवी” से हुआ, जिसे डॉ. विजय कपूर ने सुमधुर स्वर प्रदान किया। इसके पश्चात उपस्थित अतिथियों ने विद्यापति के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।समारोह के मुख्य अतिथि एवं लोकार्पणकर्ता विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) धर्मेंद्र सिंह को संस्था के अध्यक्ष निरसन कुमार झा एडवोकेट द्वारा माला, पाग, दुपट्टा एवं विद्यापति स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि मिथिला कैलेंडर बहुउद्देशीय, बहुपयोगी एवं संस्कारों को सहेजने वाला अद्भुत प्रयास है। इसमें मिथिला परंपरा के अनुसार घर-घर उपयोगी गोसाउनिक गीत, गायत्री मंत्र, दूर्वाक्षत मंत्र, यज्ञोपवीत धारण मंत्र, वाजसनेयिनां एवं छान्दोगनां मंत्र का समावेश अत्यंत सराहनीय है। साथ ही कैलेंडर में मिथिला की चौहद्दी का उल्लेख इसे विशिष्ट बनाता है।उन्होंने कहा कि कैलेंडर में मिथिला पंचांग का समावेश इसे और अधिक उपयोगी बनाता है। मिथिला के पर्व-त्योहार, विवाह, गृह प्रवेश, मुण्डन, जनेऊ आदि शुभ कार्य प्रत्येक माह के अनुसार दर्शाए गए हैं, जिससे मैथिल समाज पंचांग देखकर अपने कार्य सहजता से संपन्न कर सकता है।
मुख्य अतिथि ने यह भी कहा कि प्रत्येक वर्ष कैलेंडर में मिथिला के ऋषि-महर्षि एवं विदुषियों का संक्षिप्त परिचय देना प्रशंसनीय परंपरा है। इस वर्ष कैलेंडर में मिथिला की विदुषी परंपरा को दर्शाया गया है, जिसमें जगत जननी माता जानकी, अरुंधति, आम्रपाली, महासती अहिल्या, महाविदुषी गार्गी एवं देवहूति के जीवन प्रसंग युवाओं के लिए प्रेरणादायी हैं।समारोह का संचालन गौतम कुमार झा एडवोकेट ने किया। स्वागत दीपेश चंद्र चौधरी एवं मालिनी चौधरी द्वारा किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन संस्था अध्यक्ष निरसन कुमार झा एडवोकेट ने किया।कार्यक्रम में डॉ. अत्रि भारद्वाज, डॉ. विजय कपूर, डॉ. जयशंकर जय, राजेंद्र त्रिवेदी, ओम शंकर, सुधीर चौधरी, भोगेंद्र झा, नटवर झा, नंद कुमार सिंह, मनोज मिश्र, राजेश कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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