आईजी मिलकर पीड़ितों ने लगाई न्याय की गुहार, दो अलग-अलग हत्याकांडों में लगाए गंभीर आरोप

जौनपुर जनपद से जुड़े दो अलग-अलग हत्या मामलों में न्याय न मिलने से आहत पीड़ित परिवारों ने वाराणसी पहुंचकर आईजी वैभव कृष्ण से मुलाकात की और निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच की मांग की। दोनों मामलों में पीड़ित पक्ष ने पुलिस विवेचना, अभियोजन और न्यायिक प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।जौनपुर के थाना जाफराबाद क्षेत्र की निवासी रूबी मिश्रा ने अपने पति की हत्या के मामले में न्याय न मिलने की शिकायत आईजी से की। मीडिया से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति की हत्या उनके जेठ रविंद्र नारायण मिश्रा ने अन्य लोगों के साथ मिलकर की, लेकिन आज तक न तो आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकी है और न ही हत्या में प्रयुक्त वाहन व हथियार बरामद किए गए हैं।

रूबी मिश्रा ने आरोप लगाया कि मामले की प्रारंभिक विवेचना कर रहे तत्कालीन जांच अधिकारी राजाराम द्विवेदी ने जानबूझकर विवेचना को कमजोर किया और उनके चार अहम गवाहों के नाम केस से हटवा दिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब मामला क्राइम ब्रांच में विचाराधीन था, उसी दौरान कोर्ट में एडीजे पाल सिंह और सरकारी वकील सतीश रघुवंशी की कथित मिलीभगत से एकतरफा निर्णय कराया गया, जिसे उन्होंने “बख्शी फैसला” बताया।पीड़िता का आरोप है कि राजाराम द्विवेदी, सरकारी वकील सतीश रघुवंशी, उनके जेठ रविंद्र नारायण मिश्रा और लाल बहादुर पाल की आपसी मिलीभगत के कारण आज तक उन्हें न्याय नहीं मिल पाया है। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।दूसरी ओर, जौनपुर के शाहगंज थाना क्षेत्र से जुड़े एक हत्या मामले में मृतक पत्रकार के भाई संतोष कुमार श्रीवास्तव ने भी आईजी वैभव कृष्ण से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई और सीबीआई जांच की मांग की।

संतोष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि उनके भाई की 13 मई 2024 को बीच चौराहे पर हत्या कर दी गई थी। मृतक सुदर्शन न्यूज़ चैनल से जुड़े पत्रकार थे और ग्राम समाज व सरकारी जमीनों से अवैध कब्जे हटवाने के साथ-साथ सामाजिक मुद्दों को लगातार उजागर कर रहे थे।उन्होंने आरोप लगाया कि भूमाफिया और आपराधिक प्रवृत्ति के लोग, जो अरबों रुपये की सरकारी और ग्राम समाज की जमीनों पर अवैध कब्जा किए हुए हैं, उनकी पत्रकारिता से नाराज़ थे और हत्या से पहले उन्हें कई बार जान से मारने की धमकियां दी गई थीं।संतोष कुमार ने आरोप लगाया कि विवेचना के दौरान मुख्य आरोपी नसल जमाल का नाम हटाने की साजिश की गई और वर्ष 2003 के एक पुराने विवाद का हवाला देकर मामले को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है।पीड़ित परिवार ने बताया कि सीबीआई जांच की मांग को लेकर पहले भी कई बार प्रदर्शन और रैलियां की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। यह मामला शाहगंज थाना क्षेत्र के सबरहत गांव से संबंधित है।दोनों मामलों में पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से निष्पक्ष, पारदर्शी और उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों को सख्त सजा दिलाने की मांग की है।



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