उत्तर प्रदेश में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। प्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग में व्यापक बदलाव करते हुए 20 आईपीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया है। इस सूची में कई वरिष्ठ और अहम पदों पर तैनात अधिकारी शामिल हैं। खास तौर पर प्रयागराज के एडीजी को उनके पद से हटा दिया गया है, जबकि लखनऊ में तैनात जॉइंट सीपी का कद घटाया गया है, जिससे पुलिस महकमे में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
सरकार द्वारा जारी तबादला सूची के अनुसार, वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी संतोष कुमार को पुलिस ट्रेनिंग स्कूल (PTS) भेजा गया है। इसे एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसला माना जा रहा है। माना जा रहा है कि आगामी समय में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिस सुधारों को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव किया गया है।सूत्रों के मुताबिक, कुछ जिलों में कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार नाराज थी, जिसके चलते यह सख्त कदम उठाया गया। प्रयागराज जैसे संवेदनशील जिले में एडीजी स्तर के अधिकारी को हटाना यह संकेत देता है कि सरकार अब किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट में भी बदलाव किया गया है। यहां जॉइंट सीपी के पद पर तैनात अधिकारी की जिम्मेदारियों में कटौती की गई है, जिसे प्रशासनिक भाषा में “कद घटाया जाना” माना जा रहा है। इससे साफ है कि राजधानी में भी पुलिसिंग को लेकर सरकार बेहद गंभीर है।प्रदेश सरकार का कहना है कि यह तबादले जनहित और प्रशासनिक मजबूती को ध्यान में रखकर किए गए हैं। आने वाले दिनों में पुलिस व्यवस्था को और चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए ऐसे और भी फैसले लिए जा सकते हैं।पुलिस महकमे में इस बड़े फेरबदल के बाद कई जिलों में नए अधिकारियों की तैनाती से कार्यशैली में बदलाव देखने को मिलने की उम्मीद है। वहीं, तबादलों की यह सूची अब प्रदेश की राजनीति और नौकरशाही में भी चर्चा का विषय बनी हुई है।

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