काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में प्रशासनिक व्यवस्था को नई दिशा देने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। विश्वविद्यालय में मेंबर सेक्रेटरी (एमएस), रजिस्ट्रार और परीक्षा नियंत्रक जैसे तीन अत्यंत महत्वपूर्ण पदों पर नई नियुक्तियां की जाएंगी। इन सभी पदों पर चयनित अधिकारियों का कार्यकाल पांच वर्षों का होगा, जिससे लंबे समय तक स्थायित्व और नीतिगत फैसलों में निरंतरता बनी रहेगी।बीएचयू प्रशासन ने इन पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू कर दी है। योग्य एवं अनुभवी अभ्यर्थी 9 फरवरी तक आवेदन कर सकते हैं।
विश्वविद्यालय प्रबंधन का मानना है कि इन नियुक्तियों से प्रशासनिक पारदर्शिता, परीक्षा प्रणाली की मजबूती और अकादमिक कार्यों में तेजी आएगी।सूत्रों के मुताबिक, बीएचयू में हाल के वर्षों में परीक्षा संचालन, प्रशासनिक निर्णयों और नीतिगत क्रियान्वयन को लेकर कई अहम चुनौतियां सामने आई थीं। ऐसे में नए अधिकारियों की नियुक्ति से परीक्षा व्यवस्था में सुधार, प्रशासनिक फैसलों में तेजी और छात्र हितों को प्राथमिकता मिलने की उम्मीद की जा रही है।चयन प्रक्रिया पूरी तरह खुले और पारदर्शी तरीके से की जाएगी।
देशभर से अनुभवी शिक्षाविदों और प्रशासनिक अधिकारियों के आवेदन आने की संभावना है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि चयन केवल योग्यता, अनुभव और नेतृत्व क्षमता के आधार पर किया जाएगा।बीएचयू के इस फैसले को विश्वविद्यालय के पुनर्गठन और सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है, जिसका सीधा असर छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों की कार्यसंस्कृति पर देखने को मिल सकता है।

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