आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के बाद देशभर में जारी बहस के बीच मशहूर गायक मीका सिंह ने बड़ा और भावनात्मक कदम उठाया है। मीका सिंह ने सुप्रीम कोर्ट से अपील करते हुए कहा है कि ऐसा कोई भी फैसला न लिया जाए, जिससे आवारा कुत्तों को परेशानी का सामना करना पड़े। इसके साथ ही उन्होंने ऐलान किया है कि वे आवारा कुत्तों के लिए 10 एकड़ जमीन दान करने को तैयार हैं, जहां उनके रहने और देखभाल की समुचित व्यवस्था की जा सके।रविवार को मीका सिंह ने अपने आधिकारिक X अकाउंट (पूर्व में ट्विटर) पर इस पहल की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि वह भारत के माननीय सुप्रीम कोर्ट से विनम्र निवेदन करते हैं कि कुत्तों की भलाई को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी निर्णय से बचा जाए।
मीका सिंह ने अपने पोस्ट में कहा,"मेरे पास पर्याप्त जमीन उपलब्ध है और मैं कुत्तों की देखभाल और रहने के लिए 10 एकड़ जमीन देने को तैयार हूं। मेरी केवल यही विनती है कि कुत्तों की देखरेख के लिए जिम्मेदार और प्रशिक्षित स्टाफ उपलब्ध कराया जाए। मैं शेल्टर निर्माण से लेकर उनकी सुरक्षा, सेहत और बेहतर जीवन से जुड़ी सभी जरूरतों के लिए अपनी जमीन देने को तैयार हूं।"हाल के दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में आवारा कुत्तों के काटने और सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े कई मामले सामने आए हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश में कहा था कि आवारा कुत्तों को शहरों से हटाकर शेल्टर होम में भेजा जाए, ताकि आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। कोर्ट ने यह भी माना कि कई मामलों में आवारा कुत्ते सड़क दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं।
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद देशभर में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। जहां कुछ लोगों ने इसे जनसुरक्षा के लिहाज से सही बताया, वहीं पशु प्रेमियों और सामाजिक संगठनों ने इसका विरोध किया। कई याचिकाएं और अपीलें भी दायर की गईं, जिनमें कुत्तों के अधिकार और मानवीय व्यवहार की बात उठाई गई।हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक और आदेश में यह स्पष्ट किया कि कुत्तों को पूरी तरह सड़कों से हटाने का कोई निर्देश नहीं दिया गया है, बल्कि उनका उद्देश्य संतुलन बनाते हुए आम नागरिकों और जानवरों—दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।मीका सिंह की यह पहल अब इस पूरे मामले में एक सकारात्मक और मानवीय पहल के रूप में देखी जा रही है। माना जा रहा है कि उनका यह कदम आवारा कुत्तों के संरक्षण और पुनर्वास को लेकर नई दिशा दे सकता है।

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