मथुरा में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संभावित दौरे को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। हालांकि अभी तक उनके दौरे की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं हुई है, लेकिन उससे पहले बांके बिहारी मंदिर परिसर में व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल की गई।रात करीब 10 बजे 150 से अधिक NSG कमांडो हथियारों के साथ 15 गाड़ियों के काफिले में बांके बिहारी मंदिर पहुंचे। सुरक्षा अभ्यास के तहत पूरे इलाके की बिजली कटवा दी गई और मंदिर क्षेत्र में पूर्ण ब्लैकआउट कर दिया गया। इसके बाद NSG कमांडोज ने मंदिर को चारों तरफ से घेर लिया और सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
मॉक ड्रिल के दौरान आतंकी हमले का एक काल्पनिक दृश्य रिक्रिएट किया गया। इस अभ्यास में दिखाया गया कि गोलीबारी और IED ब्लास्ट की घटना हुई है, जिसमें चार लोग घायल हो गए। तीन गंभीर घायलों को स्ट्रेचर के जरिए एम्बुलेंस तक पहुंचाया गया, जबकि एक घायल का प्राथमिक उपचार मंदिर परिसर के भीतर ही किया गया।IED ब्लास्ट जैसी स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य की भी प्रैक्टिस की गई। फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस को फोन कर ब्लैकआउट और आपात स्थिति की सूचना दी गई। सूचना मिलने के महज 10 मिनट के भीतर फायर ब्रिगेड की टीम और एम्बुलेंस मौके पर पहुंच गई। पूरे ऑपरेशन के दौरान स्थानीय पुलिस और फायर विभाग की टीमें भी मुस्तैद रहीं।
श्रद्धालुओं की भीड़ कम होने के बाद NSG कमांडोज ने मंदिर परिसर, प्रवेश और निकास द्वारों की चप्पे-चप्पे पर तलाशी ली। इसके साथ ही आसपास की गलियों का भी बारीकी से निरीक्षण किया गया और आने-जाने वाले लोगों से पूछताछ की गई, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या वस्तु की पुष्टि की जा सके।करीब 6 घंटे तक चले इस मॉक ऑपरेशन के दौरान मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में गहमागहमी बनी रही। अभ्यास पूरा होने के बाद NSG की टीम वापस लौट गई। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इस तरह की मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी को परखना और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना है।

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