साहित्य कला उत्सव के चौथे संस्करण के दूसरे दिन काशी कीर्ति मंच पर आयोजित “हुनर-के-सरताज” कार्यक्रम में छात्रों और युवा कलाकारों ने अपनी रचनात्मक प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। कविता पाठ और स्टोरी टेलिंग की रंगीन प्रस्तुतियों ने उत्सव के माहौल को जीवंत कर दिया।कार्यक्रम की शुरुआत रोली रस्तोगी की कविता “एक कोशिश और” से हुई, जिसमें उन्होंने उमंग, आत्मविश्वास और प्रेरणाभावना को प्रभावी शब्दों में प्रस्तुत किया।
इसके बाद जोया अहमद ने कन्फेशन स्टोरी टेलिंग के माध्यम से अपनी व्यक्तिगत अनुभूतियों को साझा किया, जिसने दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ दिया।कविता पाठ सत्र में मोहितिन खान, प्रभात पटेल, उमंग गोस्वामी, जयमाला राय, भारतेन्दु कुमार, राजेश्वरी पटनायक, अनिशा पांडे, मन्वी पांडे, अनु मिश्रा, आदित्य पांडे और मोनिश खान ने अपनी रचनाओं का पाठ किया। कविताओं में समाज, संवेदना, युवा सोच और आत्मअनुभूति के विविध रंग देखने को मिले।
वहीं स्टोरी टेलिंग सत्र में विदुषी पारेख, जोया अहमद हुसैन, हितेश, यश अरहतिया, विकास रॉय और कनिका वर्मा ने अपनी कहानियों के माध्यम से जीवन के अनुभवों, संघर्षों और भावनाओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।छात्रों और युवाओं की इन प्रस्तुतियों ने यह साबित किया कि साहित्य और कला के क्षेत्र में नई पीढ़ी अपनी अलग पहचान बना रही है। दर्शकों ने तालियों के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया और कार्यक्रम को अत्यंत सराहनीय बताया।


