शहर में मंगलवार को एक बार फिर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तेज हो गई। चौक थाना क्षेत्र अंतर्गत दालमंडी गली को चौड़ा करने की सरकारी परियोजना के तहत प्रशासन ने अवैध और परियोजना की जद में आ रहे निर्माणों पर बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी है। इस प्रोजेक्ट में कुल 187 मकान प्रभावित बताए जा रहे हैं।प्रशासनिक जानकारी के अनुसार अब तक 11 मकानों पर ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिनमें से 7 मकान पूरी तरह जमींदोज किए जा चुके हैं। मंगलवार को मुनादी के जरिए 6 और मकानों को खाली कराने के बाद उन पर कार्रवाई की तैयारी की गई।
सबसे पहले मकान संख्या सीके 43/172 पर ध्वस्तीकरण शुरू किया गया, जहां मजदूरों को चढ़ा दिया गया। मौके पर सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस दौरान DIG शिवहरि मीणा, डीसीपी काशी गौरव बंसवाल, डीसीपी क्राइम सरवणन टी, एसीपी अतुल अंजान त्रिपाठी और एडीएम सिटी आलोक वर्मा स्वयं मौजूद रहे।बताया गया कि मकान संख्या सीके 43/172 के मालिक ने वक्फ ट्रिब्यूनल में मामला लंबित होने की बात रखी, लेकिन प्रशासन ने दलील को स्वीकार नहीं किया और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी। इस मकान में करीब 12 कर्मचारी तोड़फोड़ में लगाए गए।
इसके बाद मकान संख्या सीके 43/141 पर कार्रवाई शुरू हुई। इस मकान की मालिक उम्मे सलमा ने हाल ही में इसकी रजिस्ट्री कराई थी। मकान पहले से खाली कराया जा चुका था, जिसके बाद प्रशासन ने तोड़फोड़ शुरू कर दी।तीसरे चरण में मकान संख्या सीके 69/25 पर भी पीडब्ल्यूडी ने कार्रवाई शुरू की। मकान मालिक ने रजिस्ट्री न होने की बात कही, हालांकि प्रशासन ने रजिस्ट्री पूरी होने की पुष्टि की। फिलहाल यहां भी करीब 10 मजदूर ध्वस्तीकरण में जुटे हुए हैं।प्रशासन का कहना है कि दालमंडी गली के चौड़ीकरण का कार्य नियमानुसार किया जा रहा है और आगे भी चिन्हित मकानों पर कार्रवाई जारी रहेगी।पूरे ध्वस्तीकरण अभियान की निगरानी ड्रोन कैमरे से की गई। ड्रोन के माध्यम से पल-पल की गतिविधियों पर नजर रखी गई और अधिकारी मौके पर रहकर स्थिति का लगातार निरीक्षण करते रहे।

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