अविनाशी काशी पर झूठ की आंधी नहीं चलेगी, सीएम योगी का बड़ा बयान, कहा-काशी की विरासत और विकास को बदनाम करने की साजिश बर्दाश्त नहीं

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे। पुलिस लाइन स्थित हेलीपैड पर उतरने के बाद मुख्यमंत्री सीधे काल भैरव मंदिर के लिए रवाना हुए, जहां उन्होंने विधिविधान से दर्शन-पूजन किया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचकर बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन किया।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दौरे के दौरान सर्किट हाउस में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक भी की, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की गई। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित किया ।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  सर्किट हाउस में आयोजित विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस में काशी के विकास कार्यों और उसकी प्राचीन विरासत को लेकर फैलाए जा रहे कथित दुष्प्रचार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग बीते 11 वर्षों से काशी में चल रही विकास परियोजनाओं को बाधित करने और भारत की सनातन विरासत को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं। सच को सामने लाने के लिए उन्हें स्वयं प्रेस के माध्यम से जनता को स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी।मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी अविनाशी है, लेकिन स्वतंत्र भारत में लंबे समय तक उसे वह विकास नहीं मिल पाया जिसकी वह अधिकारी थी। बीते 11 वर्षों में काशी ने आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और अधोसंरचनात्मक विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, काशी के सांसद होने के नाते, शुरू से यह कहते रहे हैं कि काशी की पुरातन आत्मा को संरक्षित रखते हुए उसे आधुनिक स्वरूप में विकसित किया जाए।सीएम योगी ने बताया कि काशी में अब तक लगभग 55 हजार करोड़ रुपये का निवेश हो चुका है। 

इनमें से 36 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण किया जा चुका है, जबकि शेष योजनाएं तेजी से प्रगति पर हैं। फोरलेन सड़कें, बेहतर रेलवे नेटवर्क, हवाई, जल और सड़क मार्गों से काशी आज देश-दुनिया से सीधे जुड़ चुकी है। रोपवे परियोजना पर भी तेज गति से काम चल रहा है।गंगा की स्वच्छता और घाटों के कायाकल्प का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले गंगा जल न स्नान योग्य था और न ही आचमन योग्य, लेकिन आज श्रद्धालु निर्भय होकर स्नान और आचमन कर रहे हैं। घाट स्वच्छ, सुंदर और श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हैं। नमो घाट को उन्होंने देश का सबसे बड़ा घाट बताते हुए कहा कि यह काशी को पूरे भारत से जोड़ने का कार्य कर रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जहां मुश्किल से 50 श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर पाते थे, वहीं आज प्रतिदिन लगभग 50 हजार श्रद्धालु सहज रूप से दर्शन कर गंगा जल से अभिषेक कर रहे हैं। स्वास्थ्य सेवाओं में भी व्यापक विस्तार हुआ है। बीएचयू से लेकर आधुनिक कैंसर अस्पताल तक काशी को नई स्वास्थ्य पहचान मिली है।काशी विश्वनाथ धाम के विकास को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय भी साजिशें रची गई थीं और टूटी हुई मूर्तियां लाकर बदनाम करने का प्रयास किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि धाम निर्माण के दौरान किसी भी मंदिर को नहीं तोड़ा गया, बल्कि मंदिरों का जीर्णोद्धार कर उन्हें पुनर्जीवित किया गया है।मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा का उल्लेख करते हुए सीएम योगी ने कहा कि यह मूर्ति चोरी होकर विदेश चली गई थी, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से वापस लाकर काशी विश्वनाथ धाम में प्रतिष्ठित किया गया। उन्होंने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने और सनातन परंपरा पर सवाल उठाने का आरोप लगाया।सोशल मीडिया पर एआई के जरिए फर्जी तस्वीरें और वीडियो फैलाने को मुख्यमंत्री ने गंभीर अपराध बताया। उन्होंने कहा कि नाविक समुदाय, मणिकर्णिका घाट और दालमंडी चौड़ीकरण जैसे विकास कार्यों को लेकर जानबूझकर झूठ फैलाया जा रहा है। पहले जहां नावें डीजल और केरोसिन से चलती थीं, आज सीएनजी नावों से नाविकों की आय कई गुना बढ़ी है।मणिकर्णिका घाट और हरिश्चंद्र घाट के सुंदरीकरण पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य अंतिम संस्कार को सम्मानजनक, स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण में संपन्न कराना है।

यह कार्य सीएसआर फंड से किया जा रहा है, जिसमें खुले और कवर किए गए दाह संस्कार स्थल, 18 प्लेटफॉर्म, रैंप, ड्रेनेज और प्रकाश व्यवस्था विकसित की जा रही है। बरसात के मौसम में गलियों में शवदाह की मजबूरी न रहे, इसके लिए ऊपरी प्लेटफॉर्म बनाए जा रहे हैं।मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि किसी भी मूर्ति को नहीं तोड़ा गया है और सभी धार्मिक प्रतीक पूरी तरह सुरक्षित हैं। मंदिर तोड़े जाने से जुड़े एआई-जनित वीडियो को उन्होंने जनभावनाओं से खिलवाड़ बताया और चेतावनी दी कि इस तरह का दुष्प्रचार किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में सीएम योगी ने कहा कि केवल पिछले वर्ष ही काशी में 11 करोड़ श्रद्धालुओं का आगमन हुआ, जो काशी के विकास और आस्था का सबसे बड़ा प्रमाण है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि काशी की विरासत और लोककल्याण से जुड़े विकास कार्यों में बाधा डालने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा ।और सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ विकास कार्यों को आगे बढ़ाती रहेगी।



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