भारत अब पूर्वी एशिया में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को बढ़ावा देने की दिशा में नए सिरे से जोर दे रहा है। नई दिल्ली वैश्विक स्तर पर इस डिजिटल भुगतान प्रणाली की पहुंच बढ़ाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। यह जानकारी वित्तीय सेवा सचिव एम. नागराजू ने नई दिल्ली में आयोजित ग्लोबल इनक्लूसिव फाइनेंस इंडिया समिट के दौरान दी।
उन्होंने बताया कि फिलहाल UPI प्रणाली आठ देशों—भूटान, सिंगापुर, कतर, मॉरीशस, नेपाल, संयुक्त अरब अमीरात, श्रीलंका और फ्रांस—में स्वीकार की जा रही है। अब भारत की रणनीति पूर्वी एशिया के देशों में UPI को विस्तार देने की है, जिससे अंतरराष्ट्रीय डिजिटल भुगतान को और अधिक सरल, सुरक्षित और सुलभ बनाया जा सके।
एम. नागराजू के अनुसार, UPI ने भारत में डिजिटल लेन-देन में क्रांति ला दी है और अब इसे वैश्विक मंच पर एक भरोसेमंद भुगतान प्रणाली के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य है। विशेषज्ञों का मानना है कि पूर्वी एशिया में UPI का विस्तार भारत की डिजिटल कूटनीति और फिनटेक नेतृत्व को और मजबूत करेगा।
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