वाराणसी प्रशासन ने ऐतिहासिक मणिकर्णिका घाट के प्रस्तावित पुनर्विकास से जुड़े 3डी दृश्य सार्वजनिक किए हैं। यह परियोजना उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशन में चलाई जा रही है, जिसका उद्देश्य पारंपरिक धार्मिक आस्थाओं और प्राचीन विरासत को सुरक्षित रखते हुए दाह संस्कार से जुड़ी सुविधाओं को आधुनिक स्वरूप देना है।
सरकार ने घाट के आधुनिकीकरण का कार्य रूपा फाउंडेशन को सौंपा है। परियोजना के चरण 1, 2 और 4 के अंतर्गत निर्माण कार्य प्रगति पर है। प्रशासन के अनुसार, पुनर्विकास कार्य इस तरह किया जा रहा है कि किसी भी प्राचीन घाट या मंदिर की संरचना को कोई नुकसान न पहुंचे।परियोजना के तहत मणिकर्णिका घाट पर कुल 38 दाह संस्कार चिताओं का नवीनीकरण किया जाएगा। इसके साथ ही आधुनिक चिमनी सिस्टम, सुगम एप्रोच रैंप, प्रतीक्षा क्षेत्र, देखने के लिए गैलरी तथा आगंतुकों के लिए बेहतर मूलभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे अंतिम संस्कार की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और पर्यावरण के अनुकूल बनेगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कार्य के दौरान धार्मिक परंपराओं और पुरातात्विक महत्व का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। यदि किसी प्रकार की पुरातात्विक कलाकृतियां सामने आती हैं, तो उन्हें सम्मानपूर्वक संरक्षित कर पुनः स्थापित किया जाएगा।मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास से न केवल स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि वाराणसी की प्राचीन सांस्कृतिक पहचान भी सुरक्षित रहेगी।

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