महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा एक विशेष आध्यात्मिक नवाचार की शुरुआत की गई है। इस पहल के अंतर्गत देश के प्रमुख तीर्थस्थलों से भगवान श्री विश्वेश्वर महादेव के लिए पावन भेंट एवं पूजनीय उपहार अर्पित किए जाने की परंपरा प्रारंभ की गई है, जिससे विभिन्न धामों के मध्य आध्यात्मिक एकात्मता को सुदृढ़ किया जा सके।इसी क्रम में 11 फरवरी 2026 को श्री सिद्धिविनायक मंदिर, मुंबई की ओर से भगवान श्री विश्वेश्वर के लिए फल, पुष्प एवं अन्य पूजनीय सामग्री श्रद्धापूर्वक श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रेषित की गई। महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर मंदिर के प्रतिनिधिगण—डॉ. संदीप राठौर (डिप्टी सीईओ), डॉ. मधुसूदन शुक्ल (अध्यक्ष, ट्रस्टी प्रोटोकॉल), डॉ. प्रशांत मनेरिकर (पुजारी) एवं डॉ. शिवम् मिश्र—द्वारा उक्त भेंट को विधिवत रूप से मंदिर न्यास को सुपुर्द किया गया, जिसे सादर स्वीकार किया गया।
आध्यात्मिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए भगवान श्री विश्वेश्वर महादेव की ओर से श्री सिद्धिविनायक मंदिर, मुंबई के लिए प्रति-उपहार भी श्रद्धाभावपूर्वक प्रेषित किया गया। यह अभिनव पहल सनातन धर्म की उस दिव्य परंपरा का प्रतीक है, जिसमें भगवान शिव और भगवान श्री गणेश के पिता–पुत्र संबंध की आध्यात्मिक भावना निहित है।भगवान शिव को सृष्टि के आदि देव एवं संहारकर्ता तथा भगवान श्री गणेश को विघ्नहर्ता एवं प्रथम पूज्य देव के रूप में पूजा जाता है। काशी और सिद्धिविनायक धाम के मध्य यह भेंट-परंपरा उसी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंध की सजीव अभिव्यक्ति मानी जा रही है।इस अवसर ने उपस्थित श्रद्धालुओं और प्रतिनिधियों के लिए अत्यंत भावपूर्ण क्षण प्रस्तुत किया। मंदिर न्यास ने श्री सिद्धिविनायक मंदिर, मुंबई के प्रति आभार व्यक्त करते हुए समस्त शिवभक्तों एवं गणेशभक्तों को महाशिवरात्रि की मंगलकामनाएँ प्रेषित कीं।

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