काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के विरोध में प्रदर्शन-मार्च निकालने वाले छात्रों को प्रशासन की ओर से नोटिस जारी किया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित छात्रों को ई-मेल भेजकर 11 फरवरी तक अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा है।प्रशासन के अनुसार, बिना पूर्व अनुमति के परिसर में प्रदर्शन-मार्च निकालना विश्वविद्यालय के नियमों का उल्लंघन है। इसी आधार पर छात्रों से यह पूछा गया है कि उन्होंने किन परिस्थितियों में यह कदम उठाया और क्या इसके लिए पूर्व स्वीकृति ली गई थी।
वहीं, नोटिस मिलने के बाद छात्र संगठनों में नाराज़गी देखी जा रही है। छात्रों का कहना है कि वे अपनी शैक्षणिक और प्रशासनिक समस्याओं को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे थे और इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर रोक के रूप में देखा जा रहा है।छात्र प्रतिनिधियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि वे तय समयसीमा के भीतर अपना जवाब प्रशासन को सौंपेंगे और आवश्यकता पड़ने पर इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाया जाएगा।फिलहाल, विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों के बीच इस मामले को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई है, जबकि सभी की निगाहें 11 फरवरी के बाद होने वाले अगले कदम पर टिकी हैं।

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