वाराणसी। काशी की बेटी ने हौसले और साहस की नई मिसाल कायम करते हुए दक्षिण अमेरिका की सबसे ऊँची चोटी माउंट अकोंकागुआ (6,961 मीटर) को सफलतापूर्वक फतह कर लिया है। 49 वर्ष की उम्र में यह उपलब्धि हासिल कर उन्होंने न केवल काशी, बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है।
अभियान के दौरान उन्हें बेहद चुनौतीपूर्ण हालात का सामना करना पड़ा। तेज़ हवाओं के कारण एक समय वे संतुलन खोकर गिर भी गईं, लेकिन अदम्य साहस और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर उन्होंने हार नहीं मानी। कठिन परिस्थितियों से जूझते हुए उन्होंने मात्र 8 घंटे में शिखर तक पहुँचकर तिरंगा फहराया।
बताया जा रहा है कि अकोंकागुआ पर्वत पर मौसम अत्यंत प्रतिकूल रहता है, जहाँ तेज़ हवाएँ और ऑक्सीजन की कमी पर्वतारोहियों की सबसे बड़ी परीक्षा लेती हैं। ऐसे में इस उम्र में इस शिखर को फतह करना असाधारण उपलब्धि मानी जा रही है।उनकी इस सफलता से काशी में खुशी की लहर है। खेल और पर्वतारोहण जगत से जुड़े लोगों ने इसे महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया है।

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