काशी के प्रसिद्ध मणिकर्णिका घाट पर आयोजित होने वाली ‘मसाने की होली’ को लेकर डोम राजा परिवार ने कड़ा विरोध जताया है। डोम राजा परिवार के तीसरे पुत्र विश्वनाथ चौधरी ने बुधवार को मीर घाट स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रशासन से इस आयोजन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।विश्वनाथ चौधरी ने कहा कि मणिकर्णिका घाट एक अत्यंत पवित्र और संवेदनशील स्थल है, जहां प्रतिदिन दूर-दूर से शव यात्राएं अंतिम संस्कार के लिए पहुंचती हैं। ऐसे में भारी भीड़ जुटाकर ‘मसाने की होली’ मनाना परंपरा के अनुरूप नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस आयोजन के दौरान कई लोग शराब और अन्य नशे में लिप्त रहते हैं, जिससे घाट की मर्यादा प्रभावित होती है और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में व्यवधान उत्पन्न होता है।
उन्होंने बताया कि भीड़ के कारण कई बार शव यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है और दाह-संस्कार में देरी होती है, जिससे परिजनों को मानसिक कष्ट झेलना पड़ता है।विश्वनाथ चौधरी ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस “नई परंपरा” पर रोक नहीं लगाई गई तो डोम समाज शव दाह कार्य बंद कर धरने पर बैठ जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली किसी भी समस्या की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।डोम राजा परिवार ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मणिकर्णिका घाट की गरिमा और पारंपरिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि अंतिम संस्कार में किसी प्रकार की बाधा न उत्पन्न हो।बताया जा रहा है कि इस मुद्दे को लेकर घाट क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है और प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

