कोलकाता, सोमवार। पश्चिम बंगाल की राजनीति के प्रमुख रणनीतिकार और पूर्व रेल मंत्री मुकुल रॉय का निधन हो गया। उनके निधन से राज्य की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई है। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और हाल ही में उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने की खबर सामने आई थी।मुकुल रॉय का राजनीतिक जीवन चार दशकों से अधिक समय तक सक्रिय रहा। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जमीनी स्तर से की और धीरे-धीरे राज्य तथा राष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण पहचान बनाई। वे संगठनात्मक क्षमता और राजनीतिक रणनीति के लिए जाने जाते थे, जिसके चलते उन्हें बंगाल की राजनीति का ‘चाणक्य’ कहा जाता था।
वे केंद्र सरकार में रेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के पद पर भी रहे और अपने कार्यकाल के दौरान रेलवे परियोजनाओं के विस्तार तथा आधुनिकीकरण की दिशा में कई अहम फैसले लिए। पश्चिम बंगाल की राजनीति में सत्ता परिवर्तन के दौर में भी उनकी भूमिका को काफी अहम माना जाता है।राजनीतिक सफर के दौरान उन्होंने विभिन्न दलों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं और कई बड़े नेताओं के करीबी सहयोगी रहे। संगठन खड़ा करने और चुनावी रणनीति तैयार करने में उनकी दक्षता की चर्चा अक्सर होती रही।उनके निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। नेताओं ने उन्हें कुशल रणनीतिकार और जमीनी नेता बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।मुकुल रॉय अपने पीछे परिवार और समर्थकों की बड़ी संख्या छोड़ गए हैं। उनके अंतिम संस्कार की तैयारियां की जा रही हैं।

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