बरसाने की लट्ठमार से मसाने की होली तक, शिव बारात बनेगी ‘मिनी भारत’ का महाउत्सव

काशी की पारंपरिक मौज-मस्ती और शिवभक्ति को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से इस वर्ष शिव बारात समिति द्वारा शिव बारात को विशेष होलियाना अंदाज में आयोजित किया जाएगा। समिति के अध्यक्ष गौरव अग्रवाल (CA), कोषाध्यक्ष महेश चंद्र माहेश्वरी एवं महामंत्री/संयोजक दिलीप सिंह ने पत्रकार वार्ता में इसकी जानकारी दी।बताया गया कि इस बार शिव विवाह से जुड़े सभी लोकाचार अनूठे ढंग से संपन्न कराए जाएंगे। त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग से बाबा की हल्दी मंगाई गई है, जबकि सारनाथ स्थित बाबा सारंगनाथ मंदिर (जिसे ससुराल पक्ष माना जाता है) से महिलाएं तिलक, मिठाई, फल-फूल व गाजा-बाजा के साथ हल्दी लेकर आएंगी। काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत के आवास पर पंचबदन प्रतिमा पर हल्दी लेपन एवं पारंपरिक लोकगीतों के बीच रस्में निभाई जाएंगी।14 फरवरी को बाबा के ससुराल में मेहंदी एवं संगीत का कार्यक्रम होगा।

15 फरवरी (रविवार) महाशिवरात्रि पर शाम 7 बजे महा मृत्युंजय मंदिर से शिव बारात प्रस्थान करेगी। महिलाओं द्वारा परछन के बाद बारात मैदागिन, नीचीबाग, चौक, काशी विश्वनाथ धाम होते हुए डेढ़सी पुल तक जाएगी। इसके बाद डमरूदल के साथ पूर्व महंत के निवास पर शिव विवाह संपन्न होगा।इस वर्ष शिव बारात में दैत्य-राक्षस, देवी-देवता, यक्ष-गंधर्व, डीह बाबा, ताल-बेताल आदि की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। साथ ही बरसाने की लट्ठमार होली, वृंदावन की फूलों की होली, आनंदपुर साहिब का होला मोहल्ला, गोवा का शिगमो उत्सव और कर्नाटक की हम्पी होली की झलक भी देखने को मिलेगी। बनारस की मशहूर मसाने की होली, अघोरियों और भूत-प्रेत की टोली विशेष आकर्षण होगी।समिति के अनुसार यूक्रेन, जर्मनी और फ्रांस सहित विदेशों से भी भक्त पहली बार शिव बारात में शामिल होंगे। इस बार बाबा विश्वनाथ का दंड भी बारात का हिस्सा रहेगा।



Ktv News Varanasi

Greeting from KTV Channel, Varanasi Leading News and Social content Provider

Post a Comment

Previous Post Next Post