दालमंडी चौड़ीकरण प्रोजेक्ट को लेकर सियासत गरमा गई है। शनिवार को प्रशासन द्वारा कई सपा नेताओं को हाउस अरेस्ट किए जाने के बावजूद सपा के वरिष्ठ नेता और समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश महासचिव किशन दीक्षित पुलिस का घेरा भेदकर दालमंडी पहुंच गए।टूटे मकानों और बिखरे मलबे के बीच उन्होंने व्यापारियों और मकान मालिकों से मुलाकात की। लोगों ने अपने उजड़े कारोबार और टूटे सपनों की पीड़ा साझा की। भावुक माहौल में किशन दीक्षित ने भरोसा दिलाया कि समाजवादी पार्टी पीड़ितों के साथ मजबूती से खड़ी है।दालमंडी चौड़ीकरण को लेकर विरोध तेज होता जा रहा है। यह मामला अब महज विकास कार्य नहीं, बल्कि राजनीतिक टकराव का केंद्र बन गया है। प्रशासन ने सपा के प्रस्तावित प्रतिनिधिमंडल दौरे से पहले ही कई नेताओं को नजरबंद कर दिया था। इसके बावजूद किशन दीक्षित मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
इसी क्रम में मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के राहुल यादव के साथ सपा नेता लालू यादव भी पुलिस को चकमा देकर दालमंडी पहुंचे और पीड़ितों से मुलाकात की।बताया जा रहा है कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर प्रतिनिधिमंडल दालमंडी आने वाला था, लेकिन प्रशासनिक कार्रवाई के चलते कई नेताओं को हाउस अरेस्ट कर दिया गया।किशन दीक्षित ने कहा कि पीड़ितों से बातचीत के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई है, जिसे जल्द ही पार्टी नेतृत्व को सौंपा जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि लोगों के हितों की अनदेखी हुई तो पार्टी बड़ा आंदोलन खड़ा करेगी।दालमंडी अब सिर्फ सड़क चौड़ीकरण का मुद्दा नहीं, बल्कि सियासी संघर्ष का नया मोर्चा बन गया है—जहां एक ओर प्रशासन विकास का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रभावित लोग अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं।

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