पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को 31 साल पुराने एक मामले में पटना से गिरफ्तार कर गुरुवार को MP-MLA कोर्ट में पेश किया गया। गिरफ्तारी की खबर सामने आते ही राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई।जानकारी के मुताबिक, यह मामला 1993 का है, जिसमें पप्पू यादव पर एक प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था भंग करने से जुड़े आरोप लगे थे। लंबे समय से मामला अदालत में लंबित था। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने पटना स्थित आवास से उन्हें हिरासत में लिया और बाद में MP-MLA विशेष अदालत में पेश किया।
इधर, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर बयान जारी करते हुए कहा कि यह विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश है। राहुल गांधी ने लिखा कि “जब सवाल पूछे जाते हैं और जनता की बात उठाई जाती है, तो सत्ता ऐसे हथकंडे अपनाती है। यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है।”पप्पू यादव के समर्थकों ने भी गिरफ्तारी को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है और कोर्ट परिसर के बाहर नारेबाजी की। हालांकि, पुलिस प्रशासन का कहना है कि गिरफ्तारी पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है और इसे राजनीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।फिलहाल कोर्ट में सुनवाई जारी है और आगे की कार्रवाई अदालत के फैसले पर निर्भर करेगी।

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