नई दिल्ली। मणिपुर में सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगियों ने युमनाम खेमचंद सिंह के नेतृत्व में सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है। भाजपा विधायक दल के नेता चुने गए खेमचंद सिंह को नया मुख्यमंत्री नामित किया गया है और उनके शीघ्र शपथ लेने की संभावना जताई जा रही है।इस बीच, सरकार गठन को लेकर कुकी-जो काउंसिल (KZC) ने कड़ा रुख अपनाया है। KZC ने कुकी समुदाय के उन विधायकों को चेतावनी दी है, जिन्होंने नई सरकार के गठन का समर्थन किया है। परिषद ने कहा है कि सरकार में शामिल होने पर ऐसे विधायकों को इसके नतीजे भुगतने पड़ सकते हैं।
कुकी समुदाय के कुल 10 विधायकों ने मणिपुर में नई सरकार बनाने के लिए समर्थन दिया है और वे मंगलवार को नई दिल्ली में हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में भी शामिल हुए थे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए KZC के प्रवक्ता ने कहा कि परिषद सभी संबंधित विधायकों से कुकी लोगों की सामूहिक इच्छा, भावनाओं, एकता और राजनीतिक आकांक्षाओं का सम्मान करने की अपील करती है।मंगलवार को नई दिल्ली में हुई लगातार दो बैठकों के बाद भाजपा और उसके सहयोगी दलों ने मणिपुर विधानसभा में विधायक दल के नेता के रूप में युमनाम खेमचंद सिंह के नाम पर मुहर लगाई। बुधवार को सिंह और अन्य एनडीए नेताओं ने लोकभवन में राज्यपाल एके भल्ला से मुलाकात कर सरकार गठन का दावा पेश किया। उल्लेखनीय है कि इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मणिपुर में राष्ट्रपति शासन हटा लिया है।
KZC ने मणिपुर सरकार के गठन को लेकर अपनी स्थिति दोहराते हुए स्पष्ट कहा कि कुकी-जो समुदाय न तो सरकार के गठन में भाग ले सकता है और न ही लेगा। परिषद के प्रवक्ता के अनुसार, 30 दिसंबर को हुई KZC की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया था कि कुकी-जो लोगों के खिलाफ हुए कथित अत्याचारों और मैतेई समुदाय द्वारा लगाए गए जबरन शारीरिक अलगाव को देखते हुए, कुकी-जो समुदाय सरकार गठन की प्रक्रिया से दूर रहेगा।प्रवक्ता ने बताया कि इस निर्णय को 13 जनवरी को गुवाहाटी में आयोजित संयुक्त बैठक — जिसमें सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन (SoO) समूह, कुकी-जो काउंसिल और कुकी-जो विधायक शामिल थे — में और मजबूत किया गया। इस बैठक, जिसे लुंगथू मीटिंग कहा जाता है, में यह तय हुआ कि जब तक राज्य और केंद्र सरकार कुकी-जो समुदाय की राजनीतिक मांगों को लेकर स्पष्ट और लिखित आश्वासन नहीं देती, तब तक समुदाय सरकार गठन में हिस्सा नहीं लेगा।KZC मणिपुर में कुकी समुदाय के लिए विधानसभा के साथ एक अलग केंद्र शासित प्रदेश, स्वतंत्र प्रशासन व्यवस्था के साथ, की मांग कर रही है।

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