काशी में वर्षों से आयोजित हो रही मसान होली को लेकर इस बार आयोजकों ने विशेष अपील जारी की है। श्री काशी विश्वनाथ डमरू दल सेवा समिति द्वारा आयोजित इस परंपरागत कार्यक्रम में नागा साधु, अघोरी अखाड़ा और किन्नर अखाड़े के संत-महंत चिता भस्म से होली खेलते हैं। इस अद्वितीय आयोजन को देखने के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं।समिति की ओर से बताया गया कि बढ़ती भीड़ के कारण श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार और बाबा जी की पूजन पद्धति में व्यवधान उत्पन्न होने लगा है। इसे ध्यान में रखते हुए गृहस्थ लोगों से अपील की गई है कि वे बेवजह श्मशान घाट पर न आएं।
मसान होली के तहत 28 फरवरी शनिवार को ब्रह्मनाल सब्जीमंडी स्थित बाल भैरव मंदिर से बाबा की पालकी निकलेगी।दोपहर 12:15 बजे पालकी मणिकर्णिका घाट पहुंचेगी, जहां बाबा मसान नाथ की आरती की जाएगी।इसके बाद यात्रा दोपहर 1 बजे हरिश्चंद्र घाट पहुंचेगी, जहां गंगा स्नान के साथ यात्रा का विराम होगा।समिति ने स्पष्ट किया है कि यदि श्रद्धालु मसान होली का दर्शन करना चाहते हैं तो वे गंगा के उस पार दोपहर 2 बजे से आयोजित कार्यक्रम में शामिल हों। वहां समस्त नागा साधु, अघोरी अखाड़ा और किन्नर अखाड़ा उपस्थित रहेंगे। श्रद्धालु संतों को रंग लगाकर उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।आयोजकों ने कहा कि श्मशान घाट की मर्यादा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील की।

