उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सुल्तानपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान शंकराचार्य के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनका काम धर्म का प्रचार-प्रसार करना है, न कि प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री से लड़ना।उन्होंने कहा कि धर्मगुरुओं को राजनीति में सीधे टकराव की भूमिका नहीं निभानी चाहिए। राजभर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी को अपनी मर्यादा में रहकर कार्य करना चाहिए।कानून हाथ में लेने पर होगी कार्रवाई राजभर ने कानून-व्यवस्था को लेकर भी सख्त रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि चाहे कोई भी व्यक्ति हो, यदि वह कानून हाथ में लेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सरकार कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी को भी अराजकता फैलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।सुल्तानपुर में दिया बयान यह बयान उन्होंने सुल्तानपुर में एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में दिया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार की नीतियों और कानून व्यवस्था की स्थिति पर भी चर्चा की।राजभर के इस बयान को राजनीतिक और धार्मिक हलकों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब धार्मिक और राजनीतिक मुद्दों पर बयानबाजी तेज है।

