14 फरवरी 2019 को हुए पुलवामा हमले की बरसी पर वाराणसी में ‘काला दिवस’ मनाते हुए शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। पुलिस लाइन परेड ग्राउंड तथा चौबेपुर थाना क्षेत्र के तोहफापुर गांव में आयोजित कार्यक्रम के दौरान शहीदों की स्मृति में 40 पौधों का रोपण किया गया। कार्यक्रम में बार काउंसलिंग अध्यक्ष प्रेम प्रकाश सिंह गौतम ने कहा कि यह दिन देश के लिए काला दिन है, क्योंकि इसी दिन आतंकियों के कायरतापूर्ण हमले में हमारे 40 जवान शहीद हुए थे। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि शहीदों के बलिदान को याद रखते हुए पौधारोपण करें और राष्ट्र सेवा का संकल्प लें।
कार्यक्रम में वाराणसी के शहीद रमेश यादव को विशेष रूप से याद किया गया। उनकी पत्नी रेनू यादव ने स्वयं पौधा लगाकर अपने पति और उनके साथियों को नमन किया। इस दौरान रेनू यादव का दर्द भी छलका। उन्होंने आरोप लगाया कि शहीद के नाम पर बनाए गए स्मारक और प्रतिमा में परिवार की राय नहीं ली गई तथा आधी-अधूरी प्रतिमा लगाकर केवल औपचारिकता निभाई गई। उन्होंने यह भी कहा कि शहीद के नाम पर बने गेट के अनावरण की सूचना तक उन्हें नहीं दी गई। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें डीएम कार्यालय में सरकारी नौकरी और अनुग्रह राशि मिल चुकी है, लेकिन अन्य वादे अब भी अधूरे हैं। उन्होंने सरकार से शहीदों के सम्मान से जुड़े कार्यों को गंभीरता से पूरा करने की मांग की। वहीं कचहरी में ईमेल के माध्यम से मिली संदिग्ध धमकी पर वक्ताओं ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और सभी को जागरूक रहने की आवश्यकता है।

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