दालमंडी मामले में सपा नेताओं की नजरबंदी, सियासी पारा चढ़ा

दालमंडी विस्तारीकरण प्रकरण को लेकर शनिवार को राजनीतिक हलचल तेज हो गई। प्रशासन ने समाजवादी पार्टी के प्रस्तावित दौरे से पहले ही कई नेताओं और पदाधिकारियों को देर रात से नजरबंद कर दिया।सूत्रों के मुताबिक सपा का 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल दालमंडी जाकर प्रभावित व्यापारियों और मकान मालिकों से मिलने वाला था। लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने एहतियातन कार्रवाई करते हुए कई प्रमुख नेताओं को उनके आवास पर ही रोक दिया।

अर्दली बाजार स्थित समाजवादी पार्टी के महानगर कार्यालय के बाहर भी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।वहीं सपा पदाधिकारियों ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वे सिर्फ पीड़ितों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनना चाहते थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें नजरबंद कर दिया।फिलहाल पूरे मामले को लेकर शहर में सियासी तापमान बढ़ा हुआ है। दालमंडी विस्तारीकरण का मुद्दा अब विकास के साथ-साथ राजनीतिक टकराव का भी केंद्र बनता जा रहा है।वही पुलिस ने पूर्व राज्य मंत्री सुरेंद्र सिंह पटेल को उनके आवास पर ही हाउस अरेस्ट कर लिया।जानकारी के अनुसार राजातालाब थाना प्रभारी दयाराम पुलिस बल के साथ बीरभानपुर स्थित आवास पर पहुंचे और दालमंडी जाने से रोकते हुए उन्हें नजरबंद कर दिया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब वे दालमंडी क्षेत्र में पीड़ित भवन स्वामियों, दुकानदारों और व्यापारियों से मिलने के लिए निकलने की तैयारी में थे।



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