महाशिवरात्रि महोत्सव के अंतर्गत पाणिनि संस्कृत विद्यालय की कक्षा 10 की 15 वर्षीय छात्रा स्वर्णा निगम को उनकी अद्भुत साधना और एकाग्रता के लिए सम्मानित किया गया। स्वर्णा ने एक वर्ष की निरंतर साधना के पश्चात विजिटिंग कार्ड के आकार में कुल 5,555 ‘ॐ’ हस्तलिखित रूप में तैयार किए। विशेष बात यह रही कि प्रत्येक ‘ॐ’ की आकृति एक-दूसरे से भिन्न और विशिष्ट है, जो उनके धैर्य, समर्पण और सृजनशीलता का प्रमाण है।उनकी इस विलक्षण उपलब्धि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता प्राप्त हुई है। उन्हें “यूरेशिया प्रामाणिकता प्रमाणपत्र” प्रदान किया गया, जो उनके प्रयास की सत्यता और उत्कृष्टता का प्रमाण है।
शिवार्चनम मंच पर आयोजित गरिमामय समारोह में मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री विश्व भूषण मिश्र, श्री अन्नपूर्णा मंदिर के महंत श्री शंकर पुरी महाराज तथा अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में स्वर्णा निगम को सम्मानित किया गया। उन्हें मंदिर न्यास की ओर से रुद्राक्ष माला, दुपट्टा तथा सम्मान राशि प्रदान की गई।श्री अन्नपूर्णा मंदिर की ओर से ₹ 11 हजार नगद भेंट किए गए। मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने व्यक्तिगत रूप से ₹ 5,555 के दो लिफाफे प्रदान किए। अन्य उपस्थित अतिथियों ने भी शिक्षा एवं प्रोत्साहन के लिए यथाशक्ति आर्थिक सहयोग दिया।उल्लेखनीय है कि श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा जनपद के समस्त संस्कृत विद्यालयों में निःशुल्क शैक्षिक पुस्तकें एवं भोजन उपलब्ध कराया जाता है। पाणिनि संस्कृत विद्यालय भी इस योजना से लाभान्वित है।मंदिर न्यास ने स्वर्णा की इस साधनात्मक उपलब्धि की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और सतत प्रगति की मंगलकामना की।

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