महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास, वाराणसी द्वारा एक अभिनव आध्यात्मिक पहल का शुभारंभ किया गया है। इसके अंतर्गत भगवान श्री विश्वेश्वर महादेव के श्रीचरणों में देश-विदेश के प्रमुख तीर्थों एवं मंदिरों से पावन भेंट और श्रद्धा-उपहार अर्पित करने की परंपरा प्रारंभ की गई है। इसका उद्देश्य समस्त सनातन आस्थाओं को एक सूत्र में जोड़ते हुए वैश्विक आध्यात्मिक एकात्मता को सुदृढ़ करना है।उक्त क्रम में वाराणसी स्थित विभिन्न प्राचीन एवं प्रतिष्ठित मंदिरों के अतिरिक्त केदारनाथ मंदिर तथा लालबागचा राजा, मुंबई सहित अन्य प्रमुख धार्मिक संस्थानों की ओर से भगवान श्री विश्वेश्वर के लिए श्रद्धा-उपहार एवं पावन भेंट प्रेषित की गईं। मंदिर न्यास द्वारा इन सभी अर्पणों को विधिवत और श्रद्धापूर्वक स्वीकार किया गया।
इसी दिव्य परंपरा को आगे बढ़ाते हुए भगवान श्री विश्वेश्वर महादेव की ओर से धाम में पधारे विभिन्न मंदिरों एवं संस्थानों के प्रतिनिधियों को श्री विश्वेश्वर धाम से प्रति-उपहार (रिटर्न गिफ्ट) श्रद्धाभावपूर्वक अर्पित किए गए। यह आदान-प्रदान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि सनातन धर्म की उस शाश्वत सांस्कृतिक परंपरा का जीवंत प्रतीक है, जिसमें पारस्परिक श्रद्धा, आध्यात्मिक सौहार्द और देवालयों के मध्य आत्मीय संबंधों का भाव निहित है।मंदिर न्यास का मानना है कि महाशिवरात्रि पर प्रारंभ की गई यह परंपरा राष्ट्र और विश्व के विभिन्न तीर्थों को एक आध्यात्मिक सूत्र में जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।

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