डीएवी पीजी कॉलेज में युवा महोत्सव ‘उड़ान–2026’ का रंगारंग शुभारंभ हुआ। आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के अंतर्गत सांस्कृतिक समिति के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव के पहले दिन एकल अभिनय, मूक अभिनय (माइम), लघु नाटक, मिमिक्री तथा सांस्कृतिक शोभायात्रा (प्रोसेशन) समेत अनेक कार्यक्रमों की धूम रही। स्पंदन की दृष्टि से पहली बार सांस्कृतिक शोभायात्रा निकाली गई, जिसे लेकर विद्यार्थियों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। पहले दिन साहित्य, कला, अभिनय और रंगमंच की 20 विधाओं में 300 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कला संकाय के विद्यार्थियों ने रंगभरी एकादशी और मसाने की होली पर आधारित प्रस्तुतियाँ दीं, वहीं सामाजिक विज्ञान और वाणिज्य संकाय के छात्रों ने मानसिक स्वास्थ्य तथा कोटा में बढ़ती आत्महत्या की प्रवृत्ति जैसे गंभीर विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
रंगमंच की विधाओं में धर्मवीर भारती द्वारा लिखित ‘नदी प्यासी थी’ का डॉ. विजय यादव के निर्देशन में भावपूर्ण मंचन किया गया। इसके अतिरिक्त अम्ल हमले पर आधारित लघु नाटिका ने दर्शकों की आँखें नम कर दीं। ‘पगला घोड़ा’ की प्रस्तुति भी सराही गई। ललित कला की प्रतियोगिताओं में डिजिटल भारत, युवा भारत और पर्यावरण जैसे विषयों पर रंगोली सजाई गई, जबकि मेहंदी, रेखांकन (स्केचिंग), कार्टून, चित्रकला (पेंटिंग) और तात्कालिक फोटोग्राफी (ऑन द स्पॉट फोटोग्राफी) में भी युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। साहित्यिक प्रतियोगिताओं में प्रश्नोत्तरी (क्विज) के प्रथम चरण के साथ-साथ टर्न कोट, हिंदी, अंग्रेजी एवं संस्कृत संभाषण तथा निबंध प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। इस अवसर पर कॉलेज के प्रबंधक अजीत कुमार सिंह यादव और कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. मिश्रीलाल ने प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. तरु सिंह एवं सह-संयोजन डॉ. हसन बानो ने किया। उप प्राचार्य प्रो. संगीता जैन, प्रो. राहुल तथा मुख्य अनुशासनाधिकारी (चीफ प्रॉक्टर) डॉ. संजय कुमार सिंह सहित अनेक प्राध्यापक उपस्थित रहे।

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