तनावमुक्त बरेका की ओर बड़ा कदम—तीन दिवसीय ध्यान कार्यशाला से कर्मचारियों को मिला मानसिक शांति का मंत्र

देश के प्रमुख औद्योगिक संस्थानों में शामिल बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) ने अपने कर्मचारियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए एक सराहनीय पहल की है। 18 से 20 मार्च 2026 तक आयोजित तीन दिवसीय ध्यान एवं तनाव प्रबंधन कार्यशाला ने बरेका परिसर में सकारात्मक ऊर्जा का माहौल बना दिया है।ध्यान करना सीखें—सहज मार्ग, एक कुदरती मार्ग” विषय पर आधारित इस कार्यक्रम का उद्देश्य कर्मचारियों को आधुनिक जीवन की भागदौड़ और तनाव से राहत दिलाना है।ध्यान से बदलती कार्यसंस्कृति कार्यशाला के पहले दिन प्राविधिक प्रशिक्षण केंद्र में “हार्टफुलनेस मेडिटेशन प्रोग्राम” आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम हार्टफुलनेस संस्था के सहयोग से सम्पन्न हुआ, जो विश्वभर में ध्यान और योग के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देती है।विशेषज्ञों ने कर्मचारियों को बताया कि ध्यान केवल आध्यात्मिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक वैज्ञानिक तकनीक है, जो मानसिक दबाव को कम कर कार्यक्षमता को कई गुना बढ़ा सकती है  विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण सीख कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में आर.पी. मिश्रा और शोभिता श्रीवास्तव ने तनाव प्रबंधन के व्यावहारिक तरीके साझा किए।उन्होंने बताया कि क्रोध, चिंता और नकारात्मक भावनाएं न केवल व्यक्तिगत जीवन बल्कि कार्यस्थल की उत्पादकता को भी प्रभावित करती हैं। नियमित ध्यान अभ्यास से इन पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

क्या है हार्टफुलनेस पद्धति?हार्टफुलनेस एक ध्यान तकनीक है, जो पारंपरिक राजयोग पर आधारित है और आधुनिक जीवनशैली के अनुरूप विकसित की गई है। इसके प्रमुख चरण हैं:• विश्राम• ध्यान• शुद्धिकरण• प्रार्थना विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित अभ्यास से मानसिक शांति, बेहतर नींद, संतुलित भावनाएं और उच्च कार्यक्षमता प्राप्त होती है।कर्मचारियों की जबरदस्त भागीदारी कार्यक्रम में सुनील कुमार, रमाशंकर जायसवाल, संतोष पाठक सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी और महिला कर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यक्रम का संचालन सुधीर कुमार जैन ने किया।कर्मचारियों ने साझा किए अनुभवध्यान सत्र के बाद कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें तुरंत मानसिक शांति, तनाव में कमी और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव हुआ। कई प्रतिभागियों ने इसे अपने दैनिक जीवन में अपनाने की इच्छा जताई। स्वस्थ कार्यस्थल की दिशा में बड़ा कदमबनारस रेल इंजन कारखाना की यह पहल न केवल कर्मचारियों के व्यक्तिगत जीवन को बेहतर बनाएगी, बल्कि संस्थान में एक स्वस्थ, सकारात्मक और उत्पादक कार्यसंस्कृति को भी मजबूत करेगी।


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