संकट मोचन मंदिर में पत्रकारों से बदसलूकी का आरोप, गौ रक्षा यात्रा कवरेज करने पहुंचे मीडियाकर्मियों को गाली-गलौच और मारपीट की धमकी

वाराणसी के प्रसिद्ध संकट मोचन मंदिर परिसर में पत्रकारों के साथ बदसलूकी और मारपीट की कोशिश का मामला सामने आया है। आरोप है कि मंदिर गेट पर मौजूद कुछ लोगों ने गौ रक्षा यात्रा की कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों के साथ गाली-गलौच की और विरोध करने पर धक्का-मुक्की शुरू कर दी। घटना के बाद पत्रकारों में नाराजगी देखी जा रही है।जानकारी के मुताबिक, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा शुरू की जा रही गौ रक्षा यात्रा की कवरेज के लिए कई पत्रकार और फोटोग्राफर संकट मोचन मंदिर पहुंचे थे। इसी दौरान मंदिर गेट पर खड़े कुछ लोगों ने पत्रकारों को अंदर जाने से रोकते हुए कथित रूप से गाली देना शुरू कर दिया।

बताया जा रहा है कि जब पत्रकारों ने इसका विरोध किया तो वहां मौजूद लोगों ने धमकी भरे लहजे में मंदिर के बाहर देख लेने की बात कही। आरोप है कि इसके बाद कहासुनी बढ़ गई और मामला धक्का-मुक्की व मुक्केबाजी तक पहुंच गया। मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने बीच-बचाव कर किसी तरह स्थिति को शांत कराया।पत्रकारों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब मंदिर परिसर में इस तरह की घटना हुई हो। इससे पहले भी महंत आवास पर रत्नों की चोरी की घटना के दौरान कवरेज करने पहुंचे एक बड़े दैनिक अखबार के फोटोग्राफर का कैमरा कथित तौर पर कुछ लोगों द्वारा छीन लिया गया था।घटना के बाद पत्रकारों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि जब मंदिर परिसर में पत्रकारों के साथ इस तरह का व्यवहार किया जा सकता है, तो आम श्रद्धालुओं के साथ कैसा व्यवहार होता होगा। इस मामले को लेकर मंदिर प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं।फिलहाल इस घटना को लेकर पत्रकारों में नाराजगी है और कई लोग इस मामले में प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। पत्रकार संगठनों का कहना है कि धार्मिक स्थलों पर इस तरह की घटनाएं न केवल प्रेस की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े करती हैं, बल्कि व्यवस्था और सुरक्षा पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती हैं।


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