चांद का दीदार होने के बाद शनिवार को ईद का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान शहर में कड़ी सुरक्षा और पुख्ता इंतजाम के बीच मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा की गई। सुबह से ही रोजेदारों और अकीदतमंदों की भारी भीड़ नमाज के लिए जुटने लगी।जिला प्रशासन और पुलिस कमिश्नरेट पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया। संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरती गई, वहीं मुस्लिम बाहुल्य और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में लगातार पुलिस बल चक्रमण करता रहा। शहर की प्रमुख मस्जिदों में भारी भीड़ के बीच नमाज अदा की गई।मस्जिदों और ईदगाहों में नमाजियों के लिए टोपी, चटाई और पानी की समुचित व्यवस्था की गई थी। सुबह लगभग सात बजे से नमाज का सिलसिला शुरू हुआ। इस दौरान नए और पारंपरिक परिधानों में सजे बच्चे, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में नजर आए। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी और दावतों का दौर शुरू हो गया, जो देर रात तक चलता रहा।
इसी क्रम में लाट सरैया ईदगाह पर मौलाना जियाउर्रहमान ने नमाज अदा कराई। तकरीर के बाद नमाज और फिर खुतबा हुआ, जिसके उपरांत लोगों ने आपस में गले मिलकर पर्व की खुशियां साझा कीं।सुरक्षा व्यवस्था के तहत डीआईजी शिवहरी मीणा, डीसीपी काशी जोन गौरव बसंवाल, एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह, थाना प्रभारी आदमपुर विमल मिश्रा सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। पूरे आयोजन के दौरान प्रशासन सतर्क रहा और शांतिपूर्ण तरीके से नमाज सम्पन्न कराई गई।इसी कड़ी में नई सड़क क्षेत्र में शनिवार को 30 रोजों के बाद ईद उल फितर की नमाज अकीदत और उत्साह के साथ अदा की गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में नमाजी एकत्र हुए और पूरे क्षेत्र में त्योहार का उल्लास नजर आया।मौलाना जकिउल्ला कादरी साहब ने तकरीर पेश करने के उपरांत ईद की नमाज अदा कराई। नमाज के बाद कुतबा पढ़ा गया, जिसमें अमन, भाईचारा और इंसानियत का संदेश दिया गया। इसके पश्चात लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी।नमाज के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। प्रशासन द्वारा ड्रोन कैमरों के माध्यम से पूरे क्षेत्र की निगरानी की गई, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा और शांतिपूर्ण माहौल में नमाज सम्पन्न कराई गई।पूरे आयोजन के दौरान नई सड़क क्षेत्र में भाईचारे और सौहार्द का वातावरण देखने को मिला।

